
पटना, 31 दिसम्बर (पटना डेस्क) पटना यूनिवर्सिटी की रिटायर्ड महिला प्रोफेसर ज्योति वर्मा की जीवन भर की कमाई 3.7 करोड़ रुपए को साइबर ठगों ने बेहद शातिर तरीके से उड़ा लिया था। यह सनसनीखेज मामला नवंबर 2024 का है।

एक साल बाद इस ठगी का मास्टरमाइंड पश्चिम बंगाल में पकड़ा गया। आरोपी की पहचान हुगली जिले के सरेमपुर निवासी शुभम राय के रूप में हुई है। संयोग यह रहा कि वह दूसरे डिजिटल अरेस्ट मामले में गिरफ्तार हुआ। पूछताछ के दौरान उसने पटना की प्रोफेसर से ठगी के सारे राज उगल दिए।अब तक की जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम 200 से अधिक बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। इनमें अधिकतर म्यूल अकाउंट्स पाए गए हैं। ये खाते उत्तर प्रदेश साउथ इंडिया पश्चिम बंगाल और बेंगलुरु से जुड़े हैं।

कुछ रकम आरोपी ने खर्च कर दी।पुलिस के अनुसार ठग ने प्रोफेसर को फोन कर एसबीआई क्रेडिट कार्ड और मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाया। फर्जी क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर मोबाइल पर अरेस्ट वारंट भेजा गया। महिला को 48 घंटे तक वीडियो कॉल पर रखा गया। डर के कारण उन्होंने एफडी तुड़वाकर 3 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर दिए। बाद में।

