नई दिल्ली, 17 अक्तूबर (अशोक “अश्क”) पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच 15 अक्टूबर को लागू किया गया 48 घंटे का अस्थायी युद्धविराम शुक्रवार दोपहर खत्म हो गया है, जिससे दोनों देशों के बीच फिर से संघर्ष तेज होने की आशंका बढ़ गई है। युद्धविराम की मियाद पूरी होने से कुछ घंटे पहले ही पाकिस्तान तालिबान (टीटीपी) ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के उत्तरी वजीरिस्तान जिले में एक सैन्य शिविर पर आत्मघाती हमला किया, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, विस्फोटकों से भरे वाहन ने शिविर की दीवार को टक्कर मार दी, जिससे हुए धमाके में सात पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और कम से कम 13 घायल हो गए। वहीं, पाकिस्तानी अधिकारियों ने बताया कि दो अन्य हमलावरों को घुसपैठ की कोशिश के दौरान गोली मार दी गई। जियो न्यूज की रिपोर्ट में चार हमलावरों के मारे जाने की बात कही गई है, जबकि सेना की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इससे पहले पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच हुई सैन्य झड़पों ने सीमा क्षेत्रों में हालात बेहद अस्थिर कर दिए थे। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान ने युद्धविराम लागू होने से ठीक पहले काबुल पर ड्रोन हमले किए, जिसमें पांच लोगों की मौत और कई घायल हो गए। तालिबान ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए सीमा पर पाकिस्तानी चौकियों पर जवाबी हमले किए, जिससे दोनों पक्षों को भारी नुकसान हुआ।
संघर्ष के बीच संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) ने बताया कि सीमा पार झड़पों में अफगानिस्तान में 37 नागरिक मारे गए और 425 घायल हुए हैं। पाकिस्तान ने अपने नागरिक हताहतों के आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए हैं।
इस बीच कतर ने दोनों देशों को दोहा में शांति वार्ता की पेशकश की है, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हालात नहीं संभाले गए तो आईएसआईएस-के और अल-कायदा जैसे आतंकी समूह फिर से सिर उठा सकते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ सकती है।

