
पूर्णिया, 22 जनवरी (राजेश कुमार झा) पिछले 20 वर्षों से टूटी हुई थी महिला कॉलेज की दीवार.कॉलेज प्रशासन ने कई बार कोशिश की,लेकिन दीवार नहीं दे सके.दीवार के टूट की वजह कॉलेज कैंपस में असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया था.जिसकी वजह से हॉस्टल में रह रही लड़कियां अपने आपको सुरक्षित महसूस नहीं कर रही थी. कॉलेज प्रशासन के लाख कोशिशों के बावजूद दीवार नहीं बन सकी.जिसकी वजह से हॉस्टल में रह रही लड़कियों ने जिलापदाधिकारी को पत्र के माध्यम से जानकारी दी.

डीएम के संज्ञान में आते ही अविलंब पूर्णिया पूर्व सीओ संजीव कुमार को मामले की छानबीन कर दीवार देने का निर्देश दिया गया.निर्देश मिलते ही पूर्णिया पूर्व सीओ संजीव कुमार ने महिला कॉलेज कैंपस पहुंचकर दीवार देने के लिए राजमिस्त्री को लगा दिया.जैसे ही दीवार देना शुरू हुआ की अड़ोस-पड़ोस की महिलाएं और लड़कियों ने दीवार नहीं देने के लिए लोगों को जुटाना शुरू कर दिया. उसके बाद काम कर रहे मजदूर पर काम रोकने के लिए दबाव बनाने लगी.इतने में सीओ संजीव ने वहां भीड़ को हटने और सरकारी काम में बाधा नहीं डालने के लिए बोले.लेकिन भीड़ इतनी उग्र हो गई कि सीओ संजीव कुमार के साथ हाथापाई पर उतर गई.

इतने में दोनों तरफ से धक्का-मुक्की शुरू हो गई. इसकी खबर जब थाने और वरीय पदाधिकारी को मिली तो अविलंब प्रभारी एसडीएम प्रीति कुमारी,के0 हाट थानाध्यक्ष उदय कुमार सहित पुलिस फोर्स घटना स्थल पर पहुंच गई.उसके बाद दीवार दिया गया.इस घटना को लेकर 8 नामजद और 25 अज्ञात पर सरकारी काम में बाधा डालने को लेकर मामला दर्ज किया गया.दूसरे पक्ष की ओर से महिलाओं ने सीओ संजीव पर मामला दर्ज किया.

