नई दिल्ली, 21 नवम्बर (अशोक “अश्क”) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दक्षिण अफ्रीका रवाना होते ही कांग्रेस ने उन पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। पार्टी के वरिष्ठ नेता और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री इस वर्ष के G20 शिखर सम्मेलन में “सुरक्षित और सहज” महसूस इसलिए कर रहे हैं क्योंकि अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बार सम्मेलन में शामिल नहीं हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी तीन दिवसीय यात्रा पर शुक्रवार को जोहान्सबर्ग के लिए रवाना हुए, जहां 21-23 नवंबर तक G20 शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।

रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने कहा था कि वह ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ की भावना के अनुरूप भारत का दृष्टिकोण दुनिया के सामने रखेंगे। इसी बयान पर कटाक्ष करते हुए जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा, “प्रधानमंत्री पूरी सहजता से इसलिए भाग ले रहे हैं क्योंकि ट्रंप और अमेरिका इस शिखर सम्मेलन का बहिष्कार कर रहे हैं।”
रमेश ने दावा किया कि कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री कुआलालंपुर में भारत-आसियान सम्मेलन में इसलिए नहीं गए थे क्योंकि वहां उनका सामना अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से होना था। उन्होंने कहा कि यह असाधारण है कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दक्षिण अफ्रीका की G20 थीम—“एकजुटता, समानता और सतत विकास”—का विरोध किया है, यह कहते हुए कि यह “अमेरिका-विरोधी” है।
कांग्रेस नेता ने G20 की अध्यक्षता पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भारत ने यह अध्यक्षता नवंबर 2023 में इंडोनेशिया से ली थी और नवंबर 2024 में ब्राज़ील को सौंप दी। अब दक्षिण अफ्रीका को इसे अमेरिका को सौंपना है—“जो इस बार सम्मेलन में मौजूद ही नहीं है।”
रमेश ने कटाक्ष किया कि आने वाले वर्ष में अमेरिका में होने वाले G20 शिखर सम्मेलन पर सबकी नजर रहेगी—“तब देखना होगा कि प्रधानमंत्री झप्पी-कूटनीति अपनाते हैं, सिर्फ हाथ मिलाते हैं या अमेरिका न जाने का फैसला करते हैं।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रपति ट्रंप 61 बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने “ऑपरेशन सिंदूर” रोका था और आगे भी ऐसे दावे करते रहेंगे।

