पटना, 16 दिसम्बर (पटना डेस्क) विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग का ऐतिहासिक सफर अपने अंतिम चरण में है। करीब 210 मीट्रिक टन वजनी यह विशाल शिवलिंग 4 जनवरी तक बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के चकिया स्थित विराट रामायण मंदिर पहुंचेगा। नए साल में फरवरी तक इसके मंदिर परिसर में स्थापित होने की संभावना जताई जा रही है। अब तक यह शिवलिंग लगभग 1635 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर चुका है।

तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र से होते हुए यह मध्य प्रदेश पहुंच चुका है। यहां से उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेगा, जहां बनारस समेत कई स्थानों पर भव्य स्वागत की तैयारी है। इसके बाद मोहनिया मार्ग से शिवलिंग बिहार में प्रवेश करेगा।महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने बताया कि यात्रा के दौरान जहां-जहां शिवलिंग रुक रहा है, वहां भक्तों की भारी भीड़ पूजा-अर्चना के लिए उमड़ पड़ रही है। बिहार में आरा, सकड्डी, छपरा, मसरख, मोहम्मदपुर, कजरिया और केसरिया सहित 10 से 15 स्थानों पर स्वागत समारोह प्रस्तावित हैं।33 फीट ऊंचा यह शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम में दस वर्षों में तैयार किया गया है। ब्लैक ग्रेनाइट से बने इस शिवलिंग पर 108 सहस्त्रलिंगम अंकित हैं। करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से बने इस शिवलिंग को 21 नवंबर को 96 चक्का वाले ट्रक से रवाना किया गया था।महावीर मंदिर न्यास समिति द्वारा निर्मित विराट रामायण मंदिर आचार्य किशोर कुणाल का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जो पूर्ण होने पर विश्व का सबसे बड़ा मंदिर होगा।

