पटना, 15 दिसम्बर (पटना डेस्क) गया रेलवे जंक्शन पर सोमवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब प्लेटफॉर्म संख्या 2-3 पर एक महिला यात्री को अचानक तेज लेबर पेन शुरू हो गया। सामान्य भीड़भाड़ के बीच हालात इतने गंभीर हो गए कि स्टेशन ही डिलीवरी रूम बन गया। समय की कमी और संसाधनों के अभाव के बावजूद रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स और ‘मेरी सहेली’ टीम की तत्परता से मां और नवजात बच्ची दोनों सुरक्षित रही।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मिडिल फुट ओवरब्रिज के नीचे 35 वर्षीय ममता देवी दर्द से कराहती मिली।

उनके साथ चार छोटे बच्चे और एक बुजुर्ग महिला थीं। यात्रियों ने तुरंत कपड़ों से घेरा बनाकर निजता सुनिश्चित की और मदद के लिए शोर मचाया। सूचना मिलते ही ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ आरक्षी धर्मेंद्र कुमार ने सहायक उप निरीक्षक पवन कुमार को अलर्ट किया। पवन कुमार ने तुरंत ‘मेरी सहेली’ टीम की महिला कांस्टेबल सोनिका कुमारी को बुलाया।सोनिका कुमारी ने मौके पर पहुंचकर फर्स्ट एड शुरू किया, महिला को हौसला दिया और सुरक्षित प्रसव के लिए आवश्यक कदम उठाए। कुछ ही देर में ममता देवी ने प्लेटफॉर्म पर ही एक बच्ची को जन्म दिया। बाद में मंडल रेल अस्पताल गया के डॉक्टर रवि कुमार पांडे टीम के साथ पहुंचे और मां-बेटी को पूरी तरह सुरक्षित बताया।

