नई दिल्ली, 11 नवम्बर (अशोक “अश्क”) फरीदाबाद से डॉक्टर शाहीन की गिरफ्तारी के बाद लखनऊ में उनके परिवार पर जैसे वज्रपात टूट पड़ा। लालबाग स्थित उनके आवास और डालीगंज में पुराने घर पर पुलिस की हलचल ने पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया। शाहीन के पिता ने जब बेटी की गिरफ्तारी की खबर सुनी, तो पहले उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ। वे बार-बार कहते रहे, “मेरी बेटी डॉक्टर है, उसने जिंदगी लोगों की सेवा में लगाई, मुझे नहीं लगता कि वह किसी गलत काम में शामिल हो सकती है।”

डॉक्टर शाहीन मूल रूप से लखनऊ के खंदारी बाजार स्थित मकान नंबर 121 में अपने परिवार के साथ रहती थीं। यही उनका पुश्तैनी घर है। मोहल्ले के लोग बताते हैं कि परिवार पढ़ा-लिखा और शांत स्वभाव का है। पिता रिटायर्ड कर्मचारी हैं, जबकि बड़ा बेटा शोएब परिवार के साथ यहीं रहता है। पड़ोसियों के अनुसार शाहीन कई साल पहले ही लखनऊ छोड़ चुकी थीं। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने नौकरी के सिलसिले में फरीदाबाद का रुख किया। कुछ साल पहले उनकी शादी महाराष्ट्र के एक युवक से हुई, तब से वे वहीं रह रही थीं।
मोहल्ले में जब फरीदाबाद से शाहीन की गिरफ्तारी की खबर आई, तो लोग हैरान रह गए। कोई यकीन करने को तैयार नहीं था कि वही शाहीन, जो पढ़ाई में अव्वल और हमेशा डॉक्टर बनने का सपना देखती थी, किसी जांच या विवाद में फंसी हो। परिवार के अनुसार, शाहीन बचपन से ही मेहनती और संवेदनशील स्वभाव की थीं। उन्हें इलाज और सेवा का जुनून था। पिता ने बताया कि शाहीन को डॉक्टर बनने की प्रेरणा उनकी मां की बीमारी के समय मिली थी। इलाहाबाद मेडिकल कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने दिल्ली में काम किया और फिर फरीदाबाद में स्थायी नौकरी प्राप्त की।
फरीदाबाद में शाहीन की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों ने मंगलवार सुबह शाहीन के छोटे भाई परवेज के डालीगंज स्थित आवास पर छापेमारी की। पुलिस ने घर की तलाशी ली, हालांकि देर शाम तक किसी तरह की बरामदगी या गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। परिवार के लोग बताते हैं कि परवेज का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और वह शांत स्वभाव का स्थानीय व्यवसायी है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई एहतियाती थी, ताकि संभावित साक्ष्य सुरक्षित किए जा सकें।
शाहीन के पिता ने मीडिया से बातचीत में बेटी की बेगुनाही का दावा किया। उन्होंने कहा, “हमारे परिवार का कभी किसी विवाद से नाता नहीं रहा। शाहीन ने जीवन भर मेहनत की है और दूसरों की मदद की है। मुझे नहीं लगता कि वह किसी गलत गतिविधि में शामिल हो सकती है। उसे फंसाया जा रहा है।” उनकी आवाज में चिंता और दर्द स्पष्ट झलक रहा था।

