नई दिल्ली, 01 दिसम्बर (अशोक “अश्क”) भारत अपने पड़ोसियों को तो बदल नहीं सकता, इसलिए सीमा पर हर दिन ‘एडजस्ट’ करने जैसी मजबूरी है। खासकर तब, जब बांग्लादेश की ओर से लगातार अवैध घुसपैठ और ड्रग तस्करी की घटनाएं बढ़ती जा रही हों। चुनावी माहौल के बीच यह मुद्दा सियासत में भले गरमाया हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि तस्करों की नापाक हरकतें थमने का नाम नहीं ले रहीं। इसका ताज़ा उदाहरण शनिवार तड़के बंगाल के नादिया जिले के मटियारी बॉर्डर पर देखने को मिला, जहां बांग्लादेशी तस्करों ने BSF जवानों पर हमला कर दिया। जवाबी कार्रवाई में एक तस्कर की मौत हो गई।

सुबह करीब 3:55 बजे BSF को बॉर्डर फेंस के पास 6–7 तस्कर दिखे, जो प्लास्टिक में लिपटा सामान बॉर्डर पार फेंक रहे थे। जवानों ने बार-बार चेतावनी दी, यहां तक कि कई राउंड हवाई फायरिंग भी की, लेकिन तस्कर नहीं माने। जैसे ही जवान उन्हें रोकने आगे बढ़े, बदमाशों ने धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। एक तस्कर ने ‘डाह’ (तेज धार वाला खेती का औजार) से एक जवान पर वार किया, जो उसकी राइफल में लगा और अफरातफरी मच गई।
इसी दौरान एक जवान का ट्रिगर अनजाने में दब गया और गोली एक बांग्लादेशी तस्कर को जा लगी। घायल तस्कर को उसके साथी करीब 60 मीटर तक घसीटकर ले गए, मगर बाद में छोड़कर फरार हो गए। उसे कृष्णगंज अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
सर्च ऑपरेशन में BSF ने मौके से 96 बोतल फेंसेडिल कफ सिरप, दो बोतल विदेशी शराब, चार तेज हथियार और एक कटर बरामद किया। शव और जब्त सामान कृष्णगंज पुलिस को सौंप दिया गया है।
BSF दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के प्रवक्ता ने बताया कि तस्करों के बढ़ते हमलों के बावजूद जवान सतर्कता और हिम्मत के साथ सीमा सुरक्षा में जुटे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सीमा पार से प्रभावी कार्रवाई न होने के कारण स्मगलिंग नेटवर्क और बेखौफ होता जा रहा है।

