नई दिल्ली, 26 नवंबर (अशोक “अश्क”) बांग्लादेश में आगामी चुनाव की सुगबुगाहट के बीच देश में राजनीतिक हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। यूनुस की सरकार के सत्ता में आने के बाद से विभिन्न क्षेत्रों से हिंसा और अराजकता की घटनाओं की लगातार खबरें आ रही हैं। इस बीच अवामी लीग ने देशभर में 30 नवंबर तक विरोध प्रदर्शन और ‘प्रतिरोध मार्च’ निकालने की घोषणा की है।

हाल ही में इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल (आईसीटी) ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और तत्कालीन गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को मानवता के खिलाफ अपराध के आरोप में मौत की सजा सुनाई। अवामी लीग ने इसे राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा है कि इसका उद्देश्य हसीना और उनकी पार्टी को 2026 में होने वाले चुनाव से बाहर रखना है। पार्टी ने यूनुस सरकार से इस्तीफे की भी मांग की है।
अवामी लीग ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कहा कि सरकार के खिलाफ साजिशों का मुकाबला करने के लिए जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं, नेताओं और स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत जारी है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि बनावटी चुनाव की इजाजत नहीं दी जाएगी और जल्द ही देशभर में कड़ा आंदोलन होगा।
हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने भी कहा है कि अगर उनके ऊपर लगे बैन को नहीं हटाया गया, तो अवामी लीग आगामी चुनाव को ब्लॉक कर देगी।
सुरक्षा मामलों की खबरों के अनुसार, यूनुस सरकार की वापसी के बाद से आईएसआई और पाकिस्तान की गतिविधियां सक्रिय हो गई हैं। यूनुस सरकार ईरान की तर्ज पर आईआरए बनाने की योजना में आईएसआई के साथ काम कर रही है। ऐसे हालात में बांग्लादेश में राजनीतिक और सामाजिक अराजकता और भयावह रूप ले सकती है।

