पटना, 16 नवम्बर (पटना डेस्क) बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार का असर अब राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार तक गहराने लगा है। हार के बाद शुरू हुआ तनाव अब खुलकर सामने आ गया है। शनिवार को राजनीति छोड़ने और परिवार से नाता तोड़ने की घोषणा करने वाली रोहिणी आचार्य ने रविवार को लगातार दो भावुक पोस्ट कर तेजस्वी यादव और उनके करीबी संजय यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

रोहिणी के राबड़ी आवास छोड़ने के बाद रविवार को उनकी तीन बहनें रागिनी, राजलक्ष्मी और चंदा यादव भी अपने परिवारों के साथ दिल्ली रवाना हो गईं। अब राबड़ी आवास लगभग खाली हो चुका है। रोहिणी ने रविवार सुबह लिखा “मुझसे मेरा मायका छुड़वाया गया, मुझे अनाथ बनाया गया। रोते-रोते घर छोड़ा है। मुझे मारने के लिए चप्पल उठाई गई।”
उन्होंने आगे कहा कि अपने “आत्मसम्मान” के लिए उन्होंने घर छोड़ने का फैसला किया और किसी बेटी को उनके जैसा दर्द न सहने की सलाह दी। इस पोस्ट के बाद उन्होंने लालू को किडनी देने वाले अपने वीडियो को सोशल मीडिया पर पिन भी किया।
दूसरी पोस्ट में रोहिणी ने और गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने लिखा कि उन्हें “गालियां दी गईं” और कहा गया कि उन्होंने अपने पिता को “गंदी किडनी” लगाई और इसके बदले “करोड़ों रुपये” व “टिकट” लिया। रोहिणी ने शादीशुदा बेटियों से अपील की कि वे अपने पिता के लिए कोई बलिदान न दें, क्योंकि उन्हें अपनी ही गलती भारी पड़ गई।
उन्होंने कहा “मैंने अपने तीन बच्चों और परिवार की परवाह किए बिना पिता को बचाने के लिए किडनी दी, जिसे आज गंदा बता दिया गया।”
शाम तक रोहिणी का दर्द और आक्रोश साफ दिखा। शनिवार रात वे रोते हुए राबड़ी आवास से निकलीं और पटना एयरपोर्ट पर कहा “मेरा कोई परिवार नहीं है, उन्होंने ही मुझे निकाल दिया।”
रोहिणी ने तेजस्वी के बेहद करीबी संजय यादव और रमीज पर राजनीतिक फैसले थोपने और उन पर दबाव बनाने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सवाल पूछने पर “गाली और चप्पल” से जवाब मिलता है। इसी साल तेजप्रताप यादव ने भी पार्टी से निकाले जाने का दोष संजय यादव पर ही लगाया था।
सितंबर में भी रोहिणी ने संजय यादव को लेकर विवाद के बाद परिवार और पार्टी को सोशल मीडिया पर अनफॉलो कर दिया था। अब उनके ताजा आरोपों से राजद परिवार में दरार और गहरी होती दिख रही है।

