पटना, 26 अक्टूबर (पटना डेस्क) बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं। सभी दल जनता को रिझाने के लिए वादों की झड़ी लगा रहे हैं। इसी क्रम में रविवार को राजद नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के चेहरे तेजस्वी यादव ने कई नई घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि अगर महागठबंधन की सरकार सत्ता में आई तो बिहार के पंचायती राज प्रतिनिधियों के भत्ते दोगुने किए जाएंगे। इसके साथ ही पूर्व पंचायत और ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों को पेंशन देने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

तेजस्वी यादव ने कहा कि महागठबंधन की सरकार बनने पर जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के वितरकों को मानदेय दिलाने का काम किया जाएगा। साथ ही प्रति क्विंटल मिलने वाली मार्जिन मनी को बढ़ाया जाएगा, ताकि उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सके। उन्होंने यह भी घोषणा की कि जन वितरण प्रणाली के कर्मियों की अनुकंपा नियुक्ति में लागू उम्र सीमा को भी बढ़ाया जाएगा, जिससे कई परिवारों को राहत मिल सके।
राजद नेता ने कहा कि उनकी सरकार पंचायत और स्थानीय स्तर पर कार्य करने वाले सभी प्रतिनिधियों को सशक्त बनाने का काम करेगी। उनका मानना है कि विकास की असली जड़ें गांवों में हैं, इसलिए गांवों के प्रतिनिधियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना ही सुशासन की नींव है।
इसी दौरान तेजस्वी यादव ने छोटे कामगारों और पारंपरिक पेशों से जुड़े लोगों के लिए भी बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि “हमने नाई, कुम्हार, बढ़ई, लोहार और अन्य कामगार वर्गों से कई बार मुलाकात की है। उनकी समस्याओं को समझने के बाद हमने तय किया है कि महागठबंधन की सरकार बनने पर इन समुदायों को स्वरोज़गार के लिए विशेष सहायता दी जाएगी।”
उन्होंने कहा कि इन कामगारों को पाँच साल तक समेकित रूप से वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि वे अपने काम के लिए ज़रूरी उपकरण खरीद सकें और अपने पेशे को आगे बढ़ा सकें। तेजस्वी ने कहा कि “हमारा लक्ष्य है कि हर वर्ग आत्मनिर्भर बने और बिहार आर्थिक दृष्टि से मजबूत हो।”
तेजस्वी यादव के इन घोषणाओं को महागठबंधन की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि ग्रामीण मतदाताओं और पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े वर्गों को साधने की यह कोशिश चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।

