
पटना, डेस्क। शहर के गांधी मैदान में आयोजित बिहार दिवस समारोह में सहकारिता विभाग का पवेलियन लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। सोमवार को पवेलियन में वेजफेड, विभिन्न हैंडलूम सहकारी समितियों, मखाना उत्पादक संगठनों और सहकारी बैंक के स्टॉल पर आगंतुकों की काफी भीड़ उमड़ी। यहां आने वाले लोग सहकारिता के माध्यम से हो रहे विकास और विभिन्न समितियों की सफलता की कहानियों को करीब से देख और समझ रहे हैं। सहकारिता विभाग के पवेलियन में वेजफेड के स्टॉल पर ग्रामीण मंडी और तरकारी आउटलेट का मॉडल लोगों को खासा आकर्षित कर रहा है। डिस्प्ले में ताजी और हरी सब्जियों को प्रदर्शित किया गया है, जिससे यह समझाया जा रहा है कि सहकारिता के माध्यम से सब्जी उत्पादक किसान किस तरह आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकते हैं। वहीं बिहार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के स्टॉल पर आगंतुकों को सहकारी बैंकिंग सेवाओं और योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। पवेलियन में बाजार से कम कीमत पर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद भी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। यहां इत्र और परफ्यूम 200 से 350 रुपये में उपलब्ध हैं, जबकि बनारसी साड़ियां दो हजार से दस हजार रुपये तक में बिक रही हैं। डिजाइनर ब्लाउज, सूट और हैंडक्राफ्ट दुपट्टों की भी अच्छी बिक्री हो रही है। मधुबनी के कलाकारों द्वारा तैयार साड़ियों और दुपट्टों को लोग खास पसंद कर रहे हैं, जिनकी कीमत 800 से 1500 रुपये तक है। इसके अलावा दरी, चादर, नेहरू जैकेट और सजावटी सामान भी पवेलियन में उपलब्ध हैं। औरंगाबाद के ओबरा स्थित महफिल-ए-कालीन स्टॉल पर पांच हजार से लेकर 21 हजार रुपये तक के आकर्षक कालीन लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। विभिन्न तरह के कपड़े और हस्तशिल्प उत्पाद भी पवेलियन में खरीदारों को लुभा रहे हैं।-मखाना शिशु आहार बना खास आकर्षणसहकारिता विभाग के पवेलियन में दरभंगा की मिथिला मखाना उत्पादक संगठन स्वावलंबी सहकारी समिति के स्टॉल पर मखाना और इसके प्रसंस्कृत उत्पादों की अच्छी मांग देखी जा रही है। यहां मखाना वीटा, मखाना आटा, मखाना शिशु आहार और मखाना खीर जैसे उत्पाद उपलब्ध हैं। तेजी से ग्लोबल फूड के रूप में पहचान बना रहा मखाना लोगों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। कुल मिलाकर सहकारिता विभाग का पवेलियन बिहार में सहकारिता आंदोलन की बढ़ती ताकत, ग्रामीण उत्पादों की पहचान और आत्मनिर्भरता की दिशा में हो रही तेज प्रगति की झलक प्रस्तुत कर रहा है।

