पटना 29 अगस्त (अशोक “अश्क”) बिहार में बीते कुछ दिनों से बारिश की कमी ने लोगों को उमस और तेज धूप से बेहाल कर दिया है। अधिकांश जिलों में आसमान साफ है और चिलचिलाती धूप के कारण घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। हालांकि, कल यानी 30 अगस्त से मौसम में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

गुरुवार को सिर्फ वाल्मिकीनगर और औरंगाबाद में ही बूंदाबांदी दर्ज की गई, जबकि अन्य जिलों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहा। मगर मौसम विभाग के अनुसार, आज 29 अगस्त को खगड़िया, भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर और उत्तर बिहार के 19 जिलों समेत कुल 24 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं पटना, गया, बक्सर समेत 14 जिलों में बूंदाबांदी का पूर्वानुमान है।
दिन के तापमान में वृद्धि और उमस की स्थिति बनी रहेगी, जिससे लोगों को आज भी राहत मिलने के आसार कम हैं।
गंगा नदी का जलस्तर पटना के दीघा घाट, गांधी घाट और हाथीदह घाट में खतरे के निशान को पार कर चुका है। गांधी घाट और हाथीदह में गंगा नदी करीब 2 मीटर ऊपर बह रही है। सोनपुर के सबलपुर गांव में रातभर कटाव की खबरें आई हैं, जहां कई मकान गंगा में समा गए। आरा के जवईनिया गांव और बक्सर-पटना क्षेत्र में भी गंगा का जलस्तर बढ़ने से हालात गंभीर हैं।
30 अगस्त: किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार में भारी बारिश की संभावना।
31 अगस्त: सीवान, सारण और वैशाली में भारी बारिश का अलर्ट।
01 सितम्बर: पश्चिम चंपारण और भभुआ में भारी बारिश हो सकती है।
राज्य में फिर से सक्रिय होता मानसून कुछ राहत जरूर देगा, लेकिन नदियों के उफान और कटाव की स्थिति ने नई चुनौती खड़ी कर दी है। प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

