पटना (अशोक “अश्क”) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार के गया और बेगूसराय जिलों का दौरा कर विकास की कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया और आगामी विधानसभा चुनावों से पहले विपक्ष पर तीखा हमला बोला। बेगूसराय में गंगा नदी पर बने औंटा-सिमरिया छह लेन पुल का लोकार्पण करते हुए पीएम ने इसे देश का सबसे चौड़ा नदी पुल बताया और इसे बिहार के विकास का नया प्रतीक बताया।

लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, सांसद गिरिराज सिंह, केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी, चिराग पासवान, ललन सिंह सहित एनडीए के तमाम बड़े नेता मौजूद थे। इस मौके पर प्रधानमंत्री का स्वागत बिहार की सांस्कृतिक विरासत और देशप्रेम से ओतप्रोत भव्य आयोजन से किया गया। सिमरिया घाट को तीन किलोमीटर तक दुल्हन की तरह सजाया गया, और पारंपरिक छठ गीतों और सामा-चकेवा पर कलाकारों की प्रस्तुति ने माहौल को उल्लासपूर्ण बना दिया।
प्रधानमंत्री जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ पुल पर पहुंचे, तो वहां मौजूद कलाकारों और जनता ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसी दौरान प्रधानमंत्री ने अपने कंधे से गमछा निकालकर ठेठ बिहारी अंदाज़ में हवा में लहराया, और वहां मौजूद हजारों लोगों का अभिवादन किया। उनके इस अंदाज़ को देखकर घाट पर मौजूद जनता भी जोश से भर उठी और “मोदी-मोदी” के नारों से वातावरण गूंज उठा। सोशल मीडिया पर इस दृश्य का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें पीएम मोदी और सीएम नीतीश की अनोखी केमिस्ट्री भी देखने को मिली।
इससे पहले गया जी में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने लगभग 12,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसी कार्यक्रम के मंच से प्रधानमंत्री ने घुसपैठ और वोट बैंक की राजनीति को लेकर विपक्षी दलों पर हमला बोला।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा, “मैंने लाल किले से देश के सामने एक और खतरे की बात रखी थी, और ये खतरा बिहार पर भी मंडरा रहा है। सीमावर्ती जिलों में डेमोग्राफी तेजी से बदल रही है। एनडीए सरकार तय कर चुकी है कि देश का भविष्य घुसपैठिए तय नहीं करेंगे। घुसपैठियों को हम बाहर निकालकर ही दम लेंगे।” उन्होंने आगे कहा, “बिहार के युवाओं का हक छीनकर कांग्रेस और राजद जैसे दल घुसपैठियों को देना चाहते हैं। ये दल वोट बैंक के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं, चाहे देश की सुरक्षा से ही समझौता क्यों न करना पड़े। बिहार को इनकी बुरी नजर से बचाना होगा।”
पीएम मोदी ने यह भी घोषणा की कि 15 अगस्त को घोषित ‘डेमोग्राफी मिशन’ पर जल्द काम शुरू किया जाएगा, जिसका उद्देश्य देशभर में जनसंख्या संरचना में हो रहे असंतुलन की निगरानी और नियंत्रण होगा।
प्रधानमंत्री का यह दौरा जहां विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के लिए अहम था, वहीं राजनीतिक दृष्टिकोण से भी इसे बेहद रणनीतिक माना जा रहा है। एनडीए के सभी प्रमुख नेताओं की एकजुट उपस्थिति और पीएम मोदी व सीएम नीतीश कुमार की साझा मंच पर सकारात्मक बॉन्डिंग ने यह संकेत देने की कोशिश की कि बिहार में एनडीए पूरी तरह एकजुट है और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए तैयार भी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बिहार दौरा विकास और सांस्कृतिक गर्व का संदेश देने के साथ-साथ राजनीतिक चेतावनी भी लेकर आया। एक ओर जहां औंटा-सिमरिया पुल ने राज्य को एक नया बुनियादी ढांचा सौंपा, वहीं दूसरी ओर घुसपैठ और वोट बैंक की राजनीति को लेकर दिए गए बयान ने चुनावी सरगर्मी को और तेज कर दिया है।

