पटना, 26 नवम्बर (पटना डेस्क) बिहार में शहरीकरण की रफ्तार तेज करने के लिए राज्य सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है। नगर विकास एवं आवास मंत्री नितिन नवीन की अध्यक्षता में हुई बैठक में 11 सैटेलाइट/ग्रीनफील्ड टाउनशिप विकसित करने का फैसला किया गया। यह 40 वर्षों में पहली बार हो रहा इतना बड़ा शहरी विस्तार है।

सरकार के अनुसार ये नए शहर आधुनिक बुनियादी ढांचे, पर्यावरण अनुकूल डिजाइन और राष्ट्रीय मानक के शहरी सुविधाओं के साथ विकसित होंगे। इनमें 9 प्रमंडलीय मुख्यालयों के आसपास और दो विशेष क्षेत्र—सीतामढ़ी (सीतापुरम) व पटना–सोनपुर बेल्ट—को टाउनशिप के रूप में चुना गया है।
मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि इन शहरों को ग्रीनफील्ड मॉडल पर बसाया जाएगा, जिसमें पर्यावरण-सम्मत निर्माण, पर्याप्त हरित क्षेत्र, ट्रैफिक प्रबंधन, जल निकासी, सीवरेज सिस्टम, कचरा निपटान, चौड़ी सड़कें और बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा होगी। साथ ही व्यवस्थित आवासीय और कमर्शियल क्षेत्र बनाए जाएंगे।
शहरी विकास विभाग ने प्रत्येक जिले में विशेष प्रशासकीय समितियां बनाने का निर्णय लिया है। ये समितियां टाउनशिप की रूपरेखा तय करेंगी, सीमाओं का निर्धारण करेंगी और सार्वजनिक सुविधाओं पर नजर रखेंगी। भूमि अधिग्रहण के लिए लैंड पुलिंग पॉलिसी लागू की जाएगी, जिसमें भूमि मालिक भी साझेदार होंगे और उन्हें विकसित सुविधाओं का हिस्सा मिलेगा।
प्रस्तावित टाउनशिप पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, दरभंगा, मुंगेर, सारण, सहरसा, पूर्णिया, सीतामढ़ी और पटना–सोनपुर बेल्ट में विकसित होंगी। सरकार का दावा है कि ये शहर भविष्य की जनसंख्या, आर्थिक गतिविधियों और आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखकर योजनाबद्ध रूप से तैयार किए जाएंगे।

