पटना, 12 नवम्बर (पटना डेस्क) बिहार विधानसभा चुनाव के लिए मतदान समाप्त हो चुका है और अब 14 नवंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे। इस बार चुनावी नतीजों को लेकर एग्जिट पोल्स और सट्टा बाजार के अनुमानों में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है।

ज्यादातर एग्जिट पोल्स के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के गठबंधन वाली एनडीए को राज्य में स्पष्ट बहुमत मिलने की संभावना है। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस के नेतृत्व वाला महागठबंधन (एमजीबी) दूसरे स्थान पर रह सकता है। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (जेएसपी) का चुनावी डेब्यू उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाया है, जहां उसे केवल 0 से 3 सीटें मिलने का अनुमान है।
हालांकि, राजस्थान के मशहूर फलोदी सट्टा बाजार ने इस बार उलट नतीजों का संकेत दिया है। उसके अनुसार, बिहार में तेजस्वी यादव की सरकार बनने की संभावना ज्यादा है। बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, एनडीए को 105 से 135 सीटें और महागठबंधन को 97 से 127 सीटें मिल सकती हैं। चूंकि सरकार बनाने के लिए 122 सीटों की जरूरत होती है, इसलिए यदि महागठबंधन 127 सीटें हासिल करता है तो सत्ता परिवर्तन संभव है।
सट्टा बाजार का यह भी दावा है कि राजद इस बार करीब 75 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है। वहीं, भाजपा दूसरे और नीतीश कुमार की जेडीयू तीसरे स्थान पर रह सकती है। दिलचस्प बात यह है कि एनडीए को बहुमत मिलने की स्थिति में भी नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने की संभावना सिर्फ 60 प्रतिशत बताई गई है।
गौरतलब है कि एग्जिट पोल्स सिर्फ अनुमान होते हैं और 2020 के चुनाव में भी कई पोल्स गलत साबित हुए थे। इस बार 243 सीटों के लिए हुए चुनाव में रिकॉर्ड 67.14% मतदान हुआ, जिसमें महिलाओं की भागीदारी (71.6%) पुरुषों (62.8%) से अधिक रही।

