समस्तीपुर (अशोक “अश्क”) आगामी बिहार विधानसभा निर्वाचन 2025 की तैयारियों को गति देने के उद्देश्य से समस्तीपुर जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी क्रम में 26 अगस्त 2025 को जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी श्री रोशन कुशवाहा की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सभी कोषांगों के वरीय पदाधिकारी एवं नोडल पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में डीएम रोशन कुशवाहा ने सभी वरीय और नोडल पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने कोषांगों के लिए दो दिनों के भीतर सक्षम एवं अनुभवी कर्मियों का प्रस्ताव तैयार कर जिला निर्वाचन कार्यालय को समर्पित करें। उन्होंने कहा कि समयबद्ध ढंग से योग्य कर्मियों की प्रतिनियुक्ति से कोषांगों का गठन सुनिश्चित किया जा सकेगा और चुनावी तैयारियों से संबंधित आवश्यक कार्यालय आदेश भी निर्गत किए जा सकेंगे।

बैठक के दौरान विशेष रूप से वज्रगृह कोषांग के वरीय पदाधिकारी, नोडल पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे 27 अगस्त 2025 को समस्तीपुर कॉलेज, समस्तीपुर जाकर स्थल निरीक्षण करें। इस निरीक्षण के दौरान ईवीएम के सुरक्षित भंडारण हेतु वज्रगृह एवं मतगणना के रिसिविंग स्थल आदि का निर्धारण किया जाएगा। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान इन स्थलों की सुरक्षा, व्यवस्था एवं सुलभता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, जिसे लेकर जिला प्रशासन सतर्कता बरत रहा है।
डीएम ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे अपने कार्य में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करें तथा सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। निर्वाचन कार्य राष्ट्रीय महत्व का होता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस अहम बैठक में उप विकास आयुक्त समस्तीपुर सुश्री शैलजा पांडेय, अपर समाहर्ता श्री बृजेश कुमार, आपदा प्रबंधन के अपर समाहर्ता श्री राजेश सिंह, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री विनोद कुमार सहित सभी कोषांगों के वरीय व नोडल पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में आगामी चुनाव को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने हेतु रणनीतिक दिशा-निर्देश साझा किए गए।
जिला प्रशासन की यह पहल यह दर्शाती है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के सफल आयोजन के लिए समस्तीपुर पूरी तरह से तैयारियों में जुट गया है। आने वाले दिनों में और भी बैठकों तथा निरीक्षणों के माध्यम से चुनावी प्रक्रिया को मजबूती दी जाएगी।

