पटना, 24 नवम्बर (सेंट्रल डेस्क) बिहार सरकार अब राज्य में सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और धार्मिक गतिविधियों की सुदृढ़ निगरानी के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत राज्य के सभी 38 जिलों में संयोजकों को नामित किया जाएगा। यह निर्णय बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद (BSRTC) ने लिया है। परिषद के अध्यक्ष रणबीर नंदन ने जानकारी देते हुए बताया है कि कुल 38 संयोजकों की नियुक्ति की जाएगी, जो अपने-अपने जिलों में 2,499 पंजीकृत मंदिरों और मठों के मुख्य पुजारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करेंगे।

संयोजकों को करना होगा यह काम
परिषद के अनुसार, प्रत्येक संयोजक निम्न कार्य सुनिश्चित करेंगे—
-अपने जिले के सभी पंजीकृत मंदिरों और मठों के मुख्य पुजारियों से नियमित संपर्क
-धार्मिक गतिविधियों और परंपराओं के पालन पर निगरानी एवं समन्वय
-प्रत्येक महीने पूर्णिमा को सत्यनारायण कथा व अमावस्या को भगवती पूजा का आयोजन अनिवार्य रूप से कराना
-पूजा-अनुष्ठानों के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व का जन-जागरूकता के माध्यम से प्रचार
-धार्मिक संपत्तियों का रखरखाव भी परिषद के दायरे में आएगा
बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद, जो राज्य सरकार के विधि विभाग के अधीन संचालित होती है, पंजीकृत मंदिरों, मठों और न्यासों की—
- संपत्ति का अभिलेख रखती है
- गतिविधियों और प्रबंधन की निगरानी करती है
परिषद अध्यक्ष रणबीर नंदन के अनुसार, संयोजकों की नियुक्ति से पूरे राज्य में मंदिरों और मठों की धार्मिक गतिविधियों को व्यवस्थित, नियमित और प्रभावी रूप से संचालित करने में सहायता मिलेगी।

