
बक्सर, 26 दिसंबर (विक्रांत) बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर ने मखाना उत्पादन को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में गैर-पारंपरिक मखाना उत्पादक राज्यों में ‘सबौर मखाना-1’ के बीज उत्पादन और क्षेत्र विस्तार पर मुहर लगाई गई।बैठक में निर्णय लिया गया कि छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, असम, मणिपुर, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में सबौर मखाना-1 का विस्तार किया जाएगा।

इसके लिए बीएयू, सबौर की ओर से 100 क्विंटल सत्यापित लेबलयुक्त बीज (TFL) ₹255 प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराया जाएगा। यह बीज लगभग 30 हेक्टेयर क्षेत्र को आच्छादित करेगा।कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने कहा कि मखाना पोषण सुरक्षा, किसानों की आय बढ़ाने और निर्यात की दृष्टि से रणनीतिक फसल बनकर उभर रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि सबौर मखाना-1 बिहार से बाहर भी वैज्ञानिक खेती को नई पहचान दिलाएगा।

निदेशक (अनुसंधान) डॉ. ए. के. सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम सुदृढ़ अनुसंधान, ब्रिडर बीज उत्पादन और केवीके आधारित प्रसार प्रणाली पर आधारित है।बैठक में वर्ष 2025-26 के लिए 14.70 हेक्टेयर क्षेत्र में ब्रिडर बीज उत्पादन योजना को भी स्वीकृति दी गई। विश्वविद्यालय ने बीज के साथ तकनीकी मार्गदर्शन और पैकेज ऑफ प्रैक्टिसेस उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया। यह पहल मखाना खेती में किसानों के लिए नए अवसर खोलने वाली मानी जा रही है।

