पटना (अशोक “अश्क”) बिहार की राजधानी पटना के प्रतिष्ठित बीएन कॉलेज में लगातार दो दिनों के भीतर रैगिंग की दो घटनाएं सामने आने से हड़कंप मच गया है। इन मामलों में पीड़ित छात्रों की शिकायत पर कॉलेज प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। एक के बाद एक रैगिंग की घटनाओं ने न सिर्फ छात्रों के बीच डर का माहौल बना दिया है, बल्कि कॉलेज की छवि पर भी गहरा सवाल खड़ा कर दिया है।

पहली घटना की शिकायत मिलते ही कॉलेज प्रशासन ने एंटी-रैगिंग कमेटी को तुरंत सक्रिय कर दिया। लेकिन इसी बीच दूसरी घटना भी सामने आ गई, जिसने सभी को चौंका दिया। पीड़ित छात्रों ने आरोप लगाया है कि उन्हें सीनियर छात्रों द्वारा मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। कुछ छात्रों ने बताया कि उन्हें जबरन आपत्तिजनक हरकतें करने के लिए मजबूर किया गया, जिससे वे मानसिक रूप से टूट चुके हैं।
इन मामलों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भी सक्रियता दिखाते हुए केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
कॉलेज प्रशासन ने रैगिंग को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कॉलेज के प्राचार्य ने स्पष्ट रूप से कहा है कि रैगिंग में शामिल किसी भी छात्र के साथ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। दोषी पाए जाने पर तुरंत निलंबन और कॉलेज से निष्कासन की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कॉलेज की एंटी-रैगिंग कमेटी अब नियमित रूप से कैंपस में निगरानी कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
लगातार हो रही रैगिंग की घटनाओं से बीएन कॉलेज का माहौल भयभीत हो गया है। छात्र खुलकर कह रहे हैं कि अब पढ़ाई से ज्यादा रैगिंग का डर हावी हो गया है। नए छात्रों में दहशत है, वहीं अभिभावकों में भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
बीएन कॉलेज, पटना विश्वविद्यालय के अधीन आता है और इसे राज्य के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में गिना जाता है। यहां हर साल दूर-दराज से हजारों छात्र शिक्षा प्राप्त करने आते हैं, लेकिन रैगिंग की इन घटनाओं ने इसकी प्रतिष्ठा को आघात पहुंचाया है।
अब सभी की निगाहें कॉलेज प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या इन सख्त कदमों से हालात में सुधार होगा और क्या बीएन कॉलेज एक बार फिर छात्रों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक शैक्षणिक माहौल प्रदान कर पाएगा?

