हैदराबाद, 21 सितम्बर (अंकिता राय) कभी विदेशी कैफे कल्चर का हिस्सा मानी जाने वाली ब्लैक कॉफी अब भारत में तेजी से लोकप्रिय हो रही है। खासकर शहरी युवाओं, फिटनेस प्रेमियों और स्वास्थ्य को लेकर जागरूक लोगों में इसका चलन तेजी से बढ़ा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में भारत में ब्लैक कॉफी के सेवन में 150% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

ब्लैक कॉफी यानी बिना दूध और बिना चीनी की कॉफी, अब सिर्फ स्वाद के लिए नहीं बल्कि सेहत के लिहाज़ से भी पसंद की जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार ब्लैक कॉफी के कई स्वास्थ्य लाभ हैं, जो इसे हेल्दी ड्रिंक की श्रेणी में ला देते हैं।
वज़न घटाने में सहायक:
ब्लैक कॉफी में ज़ीरो कैलोरी होती है, जब तक उसमें दूध या चीनी न मिलाई जाए। इसमें मौजूद कैफीन मेटाबोलिज़्म को तेज करता है और फैट बर्निंग प्रक्रिया को सक्रिय करता है। यही कारण है कि फिटनेस एक्सपर्ट्स वर्कआउट से पहले इसके सेवन की सलाह देते हैं।
मानसिक सतर्कता बढ़ाए:
ब्लैक कॉफी मानसिक सतर्कता और एकाग्रता बढ़ाने में मदद करती है। रिसर्च के अनुसार, कैफीन मस्तिष्क की तंत्रिकाओं को एक्टिव करता है और डोपामिन के स्तर को बढ़ाता है, जिससे मूड बेहतर होता है।
एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत:
इसमें मौजूद प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं। इससे उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी होती है और कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा भी घटता है।
डायबिटीज और हृदय रोगों से सुरक्षा:
अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों में पाया गया है कि सीमित मात्रा में ब्लैक कॉफी का सेवन टाइप 2 डायबिटीज और दिल की बीमारियों के खतरे को कम कर सकता है।
लीवर के लिए फायदेमंद:
ब्लैक कॉफी लीवर को डिटॉक्स करने और सिरोसिस, फैटी लिवर जैसी बीमारियों से बचाने में भी मददगार है।
सावधानियां जरूरी:
खाली पेट ब्लैक कॉफी पीने से एसिडिटी हो सकती है। दिन में 1–2 कप से अधिक न लें। गर्भवती महिलाओं और हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोगों को डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
आज ब्लैक कॉफी न केवल एक पेय है, बल्कि एक सेहतमंद जीवनशैली की पहचान बन चुकी है।
(अस्वीकरण: इस खबर की पुष्टि बिफोरप्रिंट डिजिटल नहीं करता है इसके सेवन से पहले अपने डॉ से आवश्यक सलाह अवश्य लें)

