पटना, 19 नवम्बर (पटना डेस्क) भाजपा ने अपने विधायक दल के नेता और उपनेता के पद पर नियुक्ति की घोषणा कर दी है। पार्टी ने सम्राट चौधरी को नेता और विजय सिन्हा को उपनेता के रूप में चयनित किया है। भाजपा प्रदेश मुख्यालय में हुई विधानमंडल दल की बैठक में दोनों नेताओं की मनोनयन की घोषणा की गई। इस निर्णय से स्पष्ट हो गया है कि उपमुख्यमंत्री पद का प्रमुख चेहरा सम्राट चौधरी होंगे और दूसरे उपमुख्यमंत्री का जिम्मा फिर से विजय सिन्हा संभालेंगे।

सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा के प्रस्तावक भाजपा के वरिष्ठ विधायक प्रेम कुमार के साथ राम कृपाल यादव, कृष्ण कुमार ऋषि, संगीता कुमारी, अरुण शंकर प्रसाद, मिथिलेश तिवारी, नितिन नवीन, वीरेन्द्र कुमार, रमा निषाद, मनोज शर्मा और कृष्ण कुमार मंटू बने। पार्टी के भीतर माना जा रहा है कि बिहार की सामाजिक और जातीय संरचना को ध्यान में रखकर ही इन पदों पर सहमति बनाई गई है।
चुनाव में मिली प्रचंड जीत में विविध जातीय समूहों के भाजपा के पक्ष में एकजुट होने का बड़ा योगदान रहा। पार्टी का स्पष्ट रणनीतिक लक्ष्य हर क्षेत्र और वर्ग को संतुलित प्रतिनिधित्व देना है, जिससे सरकार में सबकी भागीदारी का असर दिखे। नेता और उपनेता के पुराने चेहरों को दोबारा चुना जाना इस रणनीति का हिस्सा है, जिससे अनुभवी विधायकों की मंत्रिमंडल में वापसी की संभावना भी बढ़ती है।
भाजपा का फोकस प्रशासनिक समझ, जनसंवाद और राजनीतिक संतुलन पर है। पार्टी जानती है कि जातीय संतुलन बिहार की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाता है। इसी कारण भविष्य के मंत्रिमंडल विस्तार में दलित, पिछड़ा, अतिपिछड़ा, सवर्ण सहित सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने पर जोर दिया जाएगा।
पार्टी की बैठक के संकेत बताते हैं कि भाजपा अब स्थिर, संतुलित और दूरगामी असर वाली सरकार बनाने में जुटी है। कल होने वाले शपथ ग्रहण के साथ बिहार में एक नई राजनीतिक अध्याय की शुरुआत होगी, जिसका केंद्र भाजपा की मजबूत नेतृत्व क्षमता और संतुलित सामाजिक रणनीति होगी।

