नई दिल्ली, 07 नवम्बर (अशोक “अश्क”) भारतीय वायुसेना की हवाई क्षमता को मजबूत करने के लिए रक्षा मंत्रालय जल्द ही मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की खरीद की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। इस सौदे के लिए अमेरिका, ब्राजील और यूरोप की तीन प्रमुख विमान निर्माता कंपनियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी। उम्मीद है कि दिसंबर के अंत तक रक्षा अधिग्रहण परिषद 80 मीडियम ट्रांसपोर्ट विमानों की खरीद को मंजूरी दे सकती है, जबकि अगले साल जनवरी में टेंडर जारी किया जा सकता है।

भारतीय वायुसेना को अपने विमान बेचने के लिए लॉकहीड मार्टिन (C-130J सुपर हरक्यूलिस), एम्ब्रेयर (KC-390 मिलेनियम) और एयरबस डिफेंस एंड स्पेस (A-400M) अपने प्रस्ताव पेश करेंगी। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह सौदा ‘मेक इन इंडिया’ पहल के अनुरूप होगा। जिस कंपनी को यह टेंडर मिलेगा, उसे भारत में विमानों के निर्माण के लिए प्रोडक्शन लाइन स्थापित करनी होगी।
वायुसेना को अपनी बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए 18 से 30 टन कार्गो क्षमता वाले विमानों की आवश्यकता है। अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड के साथ मिलकर बोली लगाई है, जबकि ब्राजील की एम्ब्रेयर ने महिंद्रा के साथ भागीदारी की है। वहीं एयरबस ने अब तक अपनी औपचारिक भागीदारी की घोषणा नहीं की है।
गौरतलब है कि एयरबस, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) के साथ मिलकर वायुसेना के लिए 56 C-295 विमानों के आधुनिकीकरण हेतु 21,935 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। वहीं एम्ब्रेयर भारत को अब तक आठ वीवीआईपी और हवाई चेतावनी जेट दे चुकी है।

