नई दिल्ली, 5 सितम्बर (अशोक “अश्क”) भारतीय सेना की युद्धक क्षमताओं को तेजी से मजबूत करने के उद्देश्य से रक्षा मंत्रालय ने आपातकालीन खरीद प्रक्रिया में अहम बदलाव किए हैं। अब इस प्रक्रिया के तहत किए गए सभी रक्षा सौदों की सप्लाई एक साल के भीतर अनिवार्य रूप से पूरी करनी होगी, अन्यथा कॉन्ट्रैक्ट अपने आप रद्द हो जाएगा।
सूत्रों के हवाले से पता चला है कि यह निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि पहले कई आपातकालीन रक्षा सौदों की आपूर्ति समय पर नहीं हो सकी थी, जिससे उनका उद्देश्य विफल हो गया। खासतौर पर लद्दाख में एलएसी पर सैन्य तनाव के दौरान कई अहम हथियार और उपकरण तय समय पर नहीं पहुंचे।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया, “अब आपातकालीन मार्ग से केवल वो हथियार और गोला-बारूद खरीदे जाएंगे जो बाजार में उपलब्ध हों और तुरंत आपूर्ति योग्य हों। इन सौदों में ड्रोन्स, काउंटर-ड्रोन सिस्टम, राडार और एयर डिफेंस सिस्टम जैसे युद्धक उपकरण शामिल हैं।”
24 जून को रक्षा मंत्रालय ने आपातकालीन खरीद की पांचवीं किस्त में कुल 1,981.90 करोड़ रुपये के 13 कॉन्ट्रैक्ट्स पर हस्ताक्षर किए। इनमें रिमोटली पायलटेड एरियल व्हीकल्स, लूटेरिंग म्यूनिशंस, ड्रोन्स और राडार शामिल हैं।
हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद सरकार ने तीनों सेनाओं को आपातकालीन अधिकार दिए हैं, जिनके तहत वे अपने पूंजीगत बजट का 15% तुरंत इस्तेमाल कर सकती हैं। पहली बार जून 2020 में गलवान घाटी संघर्ष के बाद सेनाओं को 300 करोड़ रुपये तक की आपातकालीन खरीद की अनुमति दी गई थी।
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि मंत्रालय की कोशिश है कि सामान्य रक्षा खरीद प्रक्रिया को मौजूदा 5-6 साल से घटाकर 2 साल में लाया जाए। इसके तहत फील्ड ट्रायल्स को एक साल में पूरा करने और अन्य प्रक्रियाओं जैसे लागत वार्ता व अनुरोध प्रस्ताव को 3-6 महीने में निपटाने की योजना है।
यदि कोई हथियार प्लेटफॉर्म पहले से किसी मित्र देश की सेना में तैनात है, तो भारत में उसके ट्रायल्स न कराने पर भी विचार किया जा रहा है। सरकार DAP-2020 (डिफेंस एक्विजिशन प्रोसीजर) को और सरल बनाने पर भी काम कर रही है। इसके लिए एक समिति गठित की गई है, जो ट्रायल्स, फास्ट-ट्रैक प्रक्रियाएं और AI जैसी तकनीकों के उपयोग पर सिफारिशें देगी।
इस नई व्यवस्था से यह उम्मीद की जा रही है कि आपातकालीन खरीद प्रक्रिया वास्तव में सेना की तात्कालिक जरूरतों को पूरा करेगी और रणनीतिक तैयारियों को समय पर मजबूती मिलेगी।

