नई दिल्ली, 18 सितंबर (अशोक “अश्क”) भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर रिश्तों में तनाव बना हुआ है, लेकिन इसी बीच भारत के लिए एक बड़ी सकारात्मक खबर आई है। यूरोपीय संघ (EU) ने घोषणा की है कि वह इस वर्ष के अंत तक भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को अंतिम रूप देने जा रहा है। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने का फैसला किया था, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में खटास आ गई है।

हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके जन्मदिन (17 सितंबर) पर शुभकामनाएं भेजी हैं, लेकिन उसी दिन यूरोपीय संघ की ओर से आई यह घोषणा अमेरिका के लिए एक कूटनीतिक झटका मानी जा रही है।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने बुधवार को एक नया रणनीतिक एजेंडा पेश करते हुए कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए भारत के साथ साझेदारी और भी अहम हो गई है। उन्होंने कहा, “अब समय आ गया है कि हम भरोसेमंद साझेदारों पर ध्यान केंद्रित करें। यूरोपीय संघ-भारत रणनीति हमारे संबंधों को अगले स्तर पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।”
यूरोपीय संघ का नया एजेंडा रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, नवाचार और वैश्विक स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित है। खास बात यह है कि इस रणनीति में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को जल्द अंतिम रूप देने की बात कही गई है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, यूरोप पहले से ही भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और अब वह व्यापार, निवेश और प्रतिभा प्रवाह को और गति देने के लिए तैयार है। लेयेन ने कहा, “यूरोप व्यापार के लिए खुला है और हम भारत के साथ साझा भविष्य में निवेश करने को प्रतिबद्ध हैं।”
यूरोपीय संघ की यह घोषणा भारत के लिए आर्थिक और कूटनीतिक रूप से एक बड़ा अवसर है, जबकि अमेरिका के लिए यह एक संकेत है कि टैरिफ के जरिए दोस्ती निभाना अब प्रभावी रणनीति नहीं रह गई। नए रणनीतिक एजेंडा को EU के सभी 27 सदस्य देशों के सामने पेश किया जाएगा और 2026 में भारत-EU शिखर सम्मेलन में इसे आधिकारिक रूप से अपनाया जाएगा।
इस एजेंडे में सुरक्षा, वैश्विक मुद्दे, कनेक्टिविटी, समृद्धि, प्रौद्योगिकी और नवाचार जैसे पांच प्रमुख क्षेत्रों को साझे हित का आधार बनाया गया है।

