
दरभंगा, 07 फरवरी (अजय राय) बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता बालेश्वर राम को निगरानी की विशेष इकाई ने दरभंगा से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मेडिकल जांच कराई गई, जिसके उपरांत निगरानी टीम उन्हें अपने साथ पटना ले गई।

यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के एक गंभीर मामले में की गई है, जो पहले से निगरानी विभाग में दर्ज था।गिरफ्तारी के साथ ही अभियंता बालेश्वर राम के लहेरियासराय स्थित आवास पर मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में छापामारी शुरू कर दी गई। बताया गया है कि यह आवास भाड़े का है और बंद होने के कारण विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत ताला तोड़कर तलाशी ली जा रही है। इसके साथ ही निगरानी की टीम अभियंता को साथ लेकर पटना स्थित उनके अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी के लिए रवाना हुई है।

जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार अभियंता वर्तमान में बिरौल में पदस्थापित थे, लेकिन वे विभागीय कार्यालय के अधिकांश कार्य अपने निजी आवास से ही संचालित करते थे। निगरानी विभाग ने उनके खिलाफ करीब 90 लाख रुपये से अधिक की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया है, जिसके आधार पर यह बड़ी कार्रवाई की गई।इस छापामारी अभियान का नेतृत्व निगरानी विभाग के डीएसपी विंध्याचल प्रसाद और शशिशेखर चौधरी कर रहे हैं। कुल आठ सदस्यीय निगरानी टीम दरभंगा, पटना और बेतिया में अभियंता से जुड़े विभिन्न ठिकानों की गहन जांच में जुटी हुई है। लहेरियासराय थाना की पुलिस और अतिरिक्त बल को सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात किया गया है।निगरानी विभाग की ओर से बताया गया है कि तलाशी के दौरान दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े अहम साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

