
समस्तीपुर, 23 दिसंबर (मोहम्मद जमशेद) मनरेगा में किए गए बदलाव वापस लेने, दलितों और गरीबों की झोपड़ियों पर बुलडोजर चलाने पर रोक लगाने, भूमिहीनों को वास भूमि व आवास देने और धान खरीद की गारंटी जैसी मांगों को लेकर भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने समस्तीपुर में जोरदार प्रदर्शन किया।
राजधानी चौक से नारेबाजी करते हुए निकला जुलूस आसपास के इलाकों का भ्रमण कर पुनः राजधानी चौक पहुंचा, जहां यह सभा में तब्दील हो गया।सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार सूचना अधिकार कानून की तरह मनरेगा को भी कमजोर और समाप्त करने की साजिश कर रही है। योजनाबद्ध तरीके से मनरेगा का नाम बदलकर महात्मा गांधी का नाम हटाया जा रहा है, जिसे देश की जनता कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।उन्होंने कहा कि भूमिहीन परिवार पुस्तैनी सरकारी जमीन पर बसे हैं।

इन्हें फर्चा और अन्य सरकारी सुविधाएं देकर समाज की मुख्यधारा में जोड़ने की जरूरत है, लेकिन बिना पुनर्वास के ही फुटपाथी दुकानदारों और झुग्गी-झोपड़ियों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। माले ने भाजपा-जदयू की “बुलडोजर सरकार” का कड़ा विरोध किया।माले नेता ने उजाड़ने से पहले बसाने, वेंडिंग जोन और पार्किंग जोन बनाने की मांग करते हुए 5 जनवरी को प्रखंड मुख्यालय पर संयुक्त वाम दलों के धरना-प्रदर्शन और 25 दिसंबर को जनता मैदान में कार्यकर्ता बैठक की घोषणा की। सभा में बड़ी संख्या में माले कार्यकर्ता मौजूद रहे।

