
बक्सर, 22 दिसंबर (विक्रांत) अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा ने देशव्यापी आह्वान के तहत बक्सर जिले के डुमरांव में जोरदार विरोध मार्च निकाला और विशाल सभा का आयोजन किया। जुलूस डुमरांव बाजार और शहीद पार्क से होते हुए नया थाना पहुंचा, जहां मजदूरों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ हुंकार भरी।

मार्च का नेतृत्व भाकपा–माले जिला सचिव नवीन कुमार, खेग्रामस जिला सचिव नारायण दास, जिला अध्यक्ष कन्हैया पासवान, डुमरांव माले सचिव धर्मेंद्र सिंह, ऐपवा नेत्री रेखा देवी और पूजा यादव ने किया। सभा को संबोधित करते हुए आरवाईए के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व विधायक कॉमरेड अजीत कुशवाहा ने कहा कि मोदी सरकार शुरू से मनरेगा को खत्म करने की साजिश रचती रही है। कम मजदूरी, भुगतान में देरी, जॉब कार्ड रद्द करना और काम देने में टालमटोल इसी साजिश का हिस्सा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा की जगह लाया गया VB–GRAMG कानून रोजगार गारंटी से मुक्त है और राज्यों पर 40 प्रतिशत खर्च का बोझ डालकर मजदूरों के अधिकार छीने जा रहे हैं। यह योजना देश के करीब 12 करोड़ मजदूरों, खासकर दलितों, आदिवासियों और महिलाओं पर सीधा हमला है। 600 रुपये दैनिक मजदूरी की मांग को भी सरकार ने ठुकरा दिया है।सभा में श्रम संहिताओं को “नई गुलामी” करार देते हुए मनरेगा की पूर्ण कानूनी बहाली, 600 रुपये मजदूरी और श्रम संहिताएं रद्द करने की मांग की गई। अध्यक्षता कॉमरेड नारायण दास ने की। बड़ी संख्या में मजदूर, युवा और शिक्षक नेता मौजूद रहे।

