
बक्सर, 07 फरवरी (सेंट्रल डेस्क) बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा इस बार पहले से कहीं ज्यादा कड़े नियमों के साथ आयोजित होने जा रही है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने साफ कर दिया है कि परीक्षा केंद्र पर देरी से पहुंचकर जबरन अंदर घुसने की कोशिश करने वाले परीक्षार्थियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित छात्र को दो वर्षों तक परीक्षा से निष्कासित किया जा सकता है।

समिति की ओर से सभी जिलों को इस बाबत सख्त निर्देश भेज दिए गए हैं। बोर्ड ने कहा है कि परीक्षा की शुचिता और अनुशासन बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही या नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई तय है।बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई छात्र देर से पहुंचकर केंद्र की दीवार फांदता है या किसी अवैध तरीके से प्रवेश करता है, तो उसे आपराधिक अतिक्रमण की श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसे मामलों में छात्र पर प्राथमिकी दर्ज होगी और दो साल तक परीक्षा पर रोक लगेगी। इतना ही नहीं, यदि कोई केंद्राधीक्षक नियम तोड़कर ऐसे परीक्षार्थी को बैठने देता है, तो उसके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई भी की जाएगी।

इस बार ड्रेस कोड को लेकर भी सख्ती है। जूता और मोजा पहनकर आने पर प्रवेश नहीं मिलेगा।मैट्रिक की वार्षिक परीक्षा 17 फरवरी से 25 फरवरी तक चलेगी। इसमें 15 लाख 12 हजार 963 परीक्षार्थी शामिल होंगे। पहली पाली में गेट सुबह 9 बजे बंद होगा, जबकि दूसरी पाली में 1:30 बजे के बाद प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। देरी पर किसी भी स्थिति में छूट नहीं दी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों को भविष्य में कड़ी सजा भुगतनी ही पड़ेगी।

