
गोपालगंज, 24 दिसम्बर (टीएन मिश्रा) बिहार के सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ थावे दुर्गा मंदिर से मुकुट व हार सहित करोड़ों के आभूषण चोरी कांड के मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अपनी सफलता को लेकर खुद की पीठ थपथपा रही है।

लेकिन जिलेवासियों व मां के श्रद्धालुओं में इस उद्द्भेदन को लेकर काफी उहांपोह की स्तिथि है। इस मामलें में पुलिस ने मुख्य आरोपी उत्तर प्रदेश का राष्ट्रीय स्तर का बास्केटबॉल खिलाड़ी दीपक राय को पकड़ा है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने इससे पहले मऊ जिले के शीतला माता मंदिर से भी मुकुट व आभूषणों की चोरी की थी।

जबकि वाराणसी के लंका थाने से दो बार चोरी, वही वाराणसी के चितईपुर थाने गाजीपुर के जमानियां थाने सहित कई मंदिर में चोरी का बड़ा आपराधिक इतिहास है।पुलिस के अनुसार, दीपक राय एक रईस परिवार से ताल्लुक रखता है। उसका पिता भारतीय सेना में कार्यरत हैं। खेल जगत में पहचान रखने वाला आरोपी इस तरह की वारदातों में संलिप्त पाए जाने से हर कोई हैरान है।

खेल की चमक के पीछे छिपा अपराधपूछताछ में सामने आया है कि आरोपी ने मंदिरों की रेकी कर सुनियोजित तरीके से चोरी की वारदातों को अंजाम दिया। राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुका होने के कारण उस पर किसी को शक नहीं होता था, जिसका फायदा उठाकर वह अपराध करता रहा। वैसे इंटरनेट आदि के क्षेत्र में माहिर दीपक थावे मंदिर चोरी में गूगल का सहयोग लिया वही पुलिस किस-किस बिंदु पर अनुसंधान कर सकती है उसे गूगल से खंगाला है।गोपालगंज पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से चोरी किए गए आभूषणों की बरामदगी की कोशिश में जुटी हुई है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह किसी गिरोह से जुड़ा था या अकेले ही वारदातों को अंजाम देता था।-मंदिर प्रशासन और श्रद्धालुओं में आक्रोशघटना के खुलासे के बाद मंदिर प्रशासन व श्रद्धालुओं में आक्रोश है। लोगों ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है।पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और आरोपी से जुड़े अन्य अपराधों का भी खुलासा हो सकता है।-एसआईटी में यह पदाधिकारी थे शामिलघटना के उद्द्भेदन में लगी टीम में एसटीएफ के पुलिस उपाधीक्षक दिनेश पांडेय,सदर एसडीपीओ, सीआई कर्मवीर प्रसाद,कटेया एसएचओ ओम प्रकाश चौहान,इंस्पेक्टर गौतम कुमार,हरेंद्र प्रसाद,सब इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार, बाजीगर,प्रभात, अवधेश कुमार, मनीष कुमार, सिपाही राजमुन्ना राहुल कुमार, विवेकानंद कुमार, सोनू कुमार व चंद्रलोक कुमार शामिल थे।

