नई दिल्ली, 17 अक्तूबर (अशोक “अश्क”) पंजाब के डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर की मुश्किलें दिन ब दिन बढ़ती जा रही हैं। सीबीआई ने उन्हें कार्यालय में 5 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। मामले की जांच के दौरान उनके घर व अन्य ठिकानों पर तलाशी ली गई, जहाँ 5 करोड़ रुपये से अधिक नकद, 1.5 किलो सोना-हीरे के जेवर, 22 लग्ज़री घड़ियां, मर्सिडीज व ऑडी कारों की चाबियां, महंगी विदेशी शराब, हथियार और नगदी व दस्तावेजों से भरे लॉकर की चाबियां बरामद हुईं।

यह कार्रवाई 11 अक्टूबर को एक व्यापारी की शिकायत के बाद शुरू हुई। शिकायतकर्ता आकाश बत्ता ने सीबीआई को बताया कि भुल्लर ने उनके खिलाफ दर्ज एक पुराने मुकदमे को बन्द कराने के लिए 8 लाख रुपये रिश्वत मांगी और साथ ही ‘सेवा‑पानी’ नामक मासिक रिश्वत की भी मांग की। जब व्यापारी ने मना किया, तो उन्हें धमकी दी गई कि उन्हें झूठे केसों में फँसाया जाएगा।
सीबीआई ने व्यापारी और भुल्लर के बीच हुई व्हाट्सएप कॉल रिकॉर्डिंग को सबूत के रूप में उपयोग किया। उसमें भुल्लर अपने कथित दलाल कृष्णु को कह रहे थे: “8 फड़ने ने 8… पूरा कर दे…”। इसी कॉल को आधार बनाकर ट्रैप ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। जब 5 लाख रुपये पैसे द्वारा भुगतान किया गया, सीबीआई टीम ने मोहाली स्थित DIG कार्यालय पर छापा मारा और भुल्लर को धर दबोचा।
तलाशी में 21 लाख रुपये नकद दलाल कृष्णु के पास भी पाए गए। अब सीबीआई ने भुल्लर और कृष्णु के खिलाफ कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर 17 अक्टूबर को अदालत में पेशी की तैयारी कर ली है।
भुल्लर कोई नया नाम नहीं हैं—वे पूर्व DGP एम.एस. भुल्लर के पुत्र हैं और पंजाब पुलिस में कई अहम पदों पर रह चुके हैं। उन्होंने 2021 में शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ ड्रग केस की SIT जांच भी संभाली थी और राज्य के नशा-विरोधी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई थी।
अब सीबीआई उनकी बैंक खातों, लॉकरों और पत्नी के नाम दर्ज संपत्तियों की जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर बरामद नकदी की राशि 5 करोड़ से अधिक बताई जा रही है, लेकिन दस्तावेज और बैंक विवरणों के बाद यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। जांच यह भी पता लगाएगी कि किन व्यापारियों से अवैध वसूली की गई और किस तरह भुल्लर ने पद का दुरुपयोग किया।

