
पटना, 07 मार्च (अविनाश कुमार) बिहार के भोजपुर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया है। कभी जातीय संघर्षों के कारण सुर्खियों में रहे परिवार से अब प्रशासनिक सेवा में बड़ी उपलब्धि सामने आई है। रणबीर सेना के प्रमुख रहे ब्रहमेश्वर सिंह मुखिया की पोती आकांक्षा सिंह ने संघ लोकसेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 301वीं रैंक हासिल कर इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) के लिए क्वालिफाई किया है। चयन के बाद अब उन्हें पुलिस सेवा की ट्रेनिंग के लिए चुना गया है।

रणबीर सेना बिहार में 1990 के दशक में गठित एक ऐसा संगठन था, जिसका गठन नक्सली संगठनों के खिलाफ ऊंची जातियों के लोगों ने किया था। उस दौर में बिहार में जातिगत संघर्ष चरम पर था और यह संगठन कई हिंसक घटनाओं के कारण चर्चा में रहा। इसका टकराव वामपंथी उग्रवादी संगठन माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर से भी होता रहा।रणबीर सेना के प्रमुख रहे बरमेश्वर मुखिया की वर्ष 2012 में हत्या कर दी गई थी। वे भोजपुर जिले के खोपिरा गांव के निवासी थे। उस समय उन्होंने ऊंची जातियों के लोगों से “सोना बेचो, लोहा खरीदो” का नारा देते हुए हथियार खरीदने की अपील की थी।

भोजपुर के बेलौर और एकबारी समेत आसपास के कई गांवों में जातीय तनाव के कारण कई बड़े नरसंहार हुए, जिनकी गूंज 2003 तक सुनाई देती रही।इसी परिवार की पोती आकांक्षा सिंह ने अब शिक्षा और मेहनत के दम पर नई पहचान बनाई है। उन्होंने आरा के कैथोलिक हाई स्कूल से 2017 में मैट्रिक पास किया और इसके बाद हरप्रसाद दस जैन कॉलेज से इंग्लिश ऑनर्स में स्नातक किया। UPSC की तैयारी के लिए वह पटना आ गईं और पूरी मेहनत के साथ पढ़ाई में जुट गईं। अपनी दूसरी कोशिश में उन्होंने सफलता हासिल कर ली,w। तैयारी के दौरान उन्होंने कुछ समय तक एक स्थानीय स्कूल में पढ़ाने का भी काम किया।आकांक्षा कहती हैं कि उनकी सफलता का सबसे बड़ा राज कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास है। वह भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली के जज़्बे और संघर्ष से खुद को प्रेरित बताती हैं।उनके किसान पिता इंदुभूषण सिंह ने इसे बेहद भावुक पल बताया। उन्होंने कहा, “बेटी की सफलता से हम गर्व महसूस कर रहे हैं। आकांक्षा अब समाज और देश की सेवा करेगी।” परिवार और पूरे भोजपुर में इस उपलब्धि को लेकर खुशी का माहौल है।

