समस्तीपुर, 26 नवम्बर (मोहम्मद जमशेद) राजद के प्रांतीय नेता एवं पूर्व विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने राबड़ी देवी को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस दिए जाने को “दुर्भावना से प्रेरित” करार दिया है। उन्होंने कहा कि राबड़ी देवी पिछले दो दशक से इस आवास में रह रही हैं, लेकिन अचानक सरकार द्वारा नया आवास—39 नंबर बंगला—आवंटित कर पुराने घर को खाली करने का आदेश दिया गया है, जो राजनीतिक बदले की भावना का परिणाम प्रतीत होता है।

शाहीन ने कहा कि बिहार की सियासत में ऐसा कभी नहीं हुआ कि किसी पूर्व मुख्यमंत्री को उनके नाम से अलॉट आवास से बेदखल किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री आवास में भाजपा का दखल बढ़ गया है और जेडीयू उसके हर फैसले को मानने के लिए बाध्य है। उनके अनुसार, राबड़ी देवी को नोटिस देना महज प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि सत्ता का खुला दुरुपयोग है। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि नीतीश–भाजपा सरकार विरोधियों को कमजोर करने के लिए बदले की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि राबड़ी देवी बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री रही हैं और उनका योगदान व राजनीतिक इतिहास सम्मान के योग्य है, लेकिन सरकार नफरत और डर की वजह से उनका अपमान कर रही है। शाहीन ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोधियों का सम्मान किया जाना चाहिए, धमकियाँ या नोटिस नहीं दिए जाने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार जन-नाराज़गी और अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए विपक्ष को निशाना न बनाए, क्योंकि “नोटिस से इतिहास नहीं मिटता।” उन्होंने कहा कि जनता राबड़ी देवी का सम्मान करती है और कोई भी सरकार उसे खत्म नहीं कर सकती।

