दरभंगा 28 अगस्त (अशोक “अश्क”) बिहार सरकार ने मंगलवार को हुई नीतीश कैबिनेट बैठक में 26 प्रस्तावों पर मुहर लगाई, जिनमें एक अहम फैसला राज्य के राशन डीलरों के कमीशन में बढ़ोतरी को लेकर था। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अब डीलरों को प्रति क्विंटल 258.40 रुपये कमीशन मिलेगा, जो पहले 211.40 रुपये था। इसमें राज्य सरकार की ओर से दिया जाने वाला हिस्सा 90 रुपये से बढ़ाकर 137 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
हालांकि सरकार के इस फैसले को लेकर डीलरों में कोई विशेष उत्साह नहीं देखा गया। दरभंगा जिले के डीलर संघ के प्रखंड अध्यक्ष संतोष मिश्रा और जिला अध्यक्ष रामबाबू पासवान ने इसे महज “झुनझुना” करार देते हुए कहा कि सरकार ने डीलरों की मुख्य मांगों की अनदेखी की है।

- सरकारी कर्मचारी का दर्जा: डीलर लंबे समय से यह मांग कर रहे हैं कि उन्हें सरकारी कर्मी का दर्जा दिया जाए।
- ₹30,000 मासिक मानदेय: डीलरों का कहना है कि उन्हें हर महीने न्यूनतम ₹30,000 मानदेय मिलना चाहिए। यदि यह संभव न हो तो भगवत कमिटी की सिफारिश के अनुसार ₹0.49 प्रति किलो के हिसाब से मार्जिन मनी दी जाए।
- अनुकंपा की उम्र सीमा समाप्त करना: पहले अनुकंपा नियुक्ति के लिए कोई उम्र सीमा नहीं थी, लेकिन अब इसे 60 वर्ष निर्धारित किया गया है, जिसे डीलर समाप्त करने की मांग कर रहे हैं।
22 अगस्त को पटना में अमरेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में हजारों राशन डीलरों ने महाधरना दिया था। इस दौरान सरकार की ओर से लाठीचार्ज और पानी की बौछार की गई, जिससे डीलरों में गहरा आक्रोश है।
डीलरों का कहना है कि चुनावी साल में यह सिर्फ एक प्रतीकात्मक बढ़ोतरी है, असल समस्याओं का समाधान नहीं। इसलिए कमीशन में बढ़ोतरी के बावजूद डीलरों में असंतोष और नाराजगी बनी हुई है।

