नई दिल्ली, 26 सितंबर (अशोक “अश्क”) नाटो महासचिव मार्क रुटे ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ का असर अब रूस पर भी साफ दिखाई देने लगा है। उनके अनुसार, टैरिफ का दबाव इतना बढ़ गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर यूक्रेन युद्ध रणनीति को समझाने की मांग कर रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान पत्रकारों से बातचीत में रुट ने कहा, “ये टैरिफ रूस को तुरंत प्रभावित कर रहे हैं, क्योंकि अब दिल्ली पुतिन से पूछ रही है, ‘मैं आपका समर्थन करता हूं, लेकिन आप अपनी रणनीति समझाएं, क्योंकि मुझे अमेरिका के 50% टैरिफ का सामना करना पड़ रहा है।'”

हालांकि इस बयान पर नई दिल्ली या मॉस्को की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
गौरतलब है कि ट्रंप ने भारत पर पहले से लागू 25% टैरिफ के साथ-साथ रूसी तेल खरीदने की “सजा” के रूप में अतिरिक्त 25% टैरिफ भी पिछले महीने लगा दिया था। ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि भारत जैसे देश रूसी तेल खरीदकर अप्रत्यक्ष रूप से यूक्रेन युद्ध को बढ़ावा दे रहे हैं।
ट्रंप ने 13 सितंबर को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “ट्रुथ सोशल” पर कहा था, “जब तक सभी नाटो देश रूसी तेल खरीदना बंद नहीं करते, मैं रूस पर और भी बड़े प्रतिबंध लगाने को तैयार हूं।”
नाटो प्रमुख रुटे ने भी ट्रंप के इस रुख का समर्थन करते हुए कहा, “नाटो देशों को रूसी तेल खरीदना बंद कर देना चाहिए।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि ट्रंप का मानना है कि नाटो की प्रतिबद्धता 100% के काफी नीचे है, और कई सदस्य देश रूसी तेल खरीदकर युद्ध को जटिल बना रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की आक्रामक टैरिफ नीति और रुटे के समर्थन से अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में नया दबाव बन रहा है, जिससे भारत और रूस के रिश्तों में तनाव आ सकता है।

