नई दिल्ली, 8 अक्तूबर ( अशोक “अश्क”) भारत की विविधता और खूबसूरती दुनियाभर के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। यही कारण है कि कई विदेशी भारत में केवल घूमने नहीं आते, बल्कि महीनों तक यहां बस जाते हैं। हिमाचल प्रदेश का एक छोटा-सा गांव धर्मकोट, इसी आकर्षण का उदाहरण है। धर्मशाला से लगभग 2 किलोमीटर ऊपर स्थित यह गांव अब “मिनी इजरायल” के नाम से प्रसिद्ध हो चुका है।

धर्मकोट को “विदेशियों का गांव” इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहां भारतीयों से ज्यादा विदेशी पर्यटक नजर आते हैं। खासकर इजरायल से आने वाले पर्यटक यहां किराये पर कमरे लेकर लंबे समय तक रहते हैं। गांव के कैफे में इजरायली, इटैलियन और अन्य अंतरराष्ट्रीय व्यंजन आसानी से मिल जाते हैं। यहां की शांत वादियां, पहाड़ी नजारे और आध्यात्मिक माहौल विदेशी सैलानियों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं।
हाल ही में एक ट्रैवलर और कंटेंट क्रिएटर अमान, जिनके सोशल मीडिया पर 1 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, ने धर्मकोट का एक वीडियो पोस्ट किया। वीडियो में दिखाया गया कि बारिश के बावजूद जो लोग सड़कों पर दिखे, उनमें ज्यादातर विदेशी ही थे। अमान ने बताया कि ये विदेशी पर्यटक महीनों तक यहां रहते हैं, ध्यान और योग करते हैं, और स्थानीय संस्कृति का हिस्सा बन जाते हैं।
इस वीडियो को अब तक 2 करोड़ से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। कमेंट सेक्शन में कई लोगों ने इस जगह की तारीफ की, तो कुछ ने चुटकी भी ली। एक यूजर ने लिखा, “कसोल को भी मिनी इजरायल कहा जाता है,” वहीं एक अन्य ने तंज कसते हुए कहा, “कब्जा करने आते होंगे।” कुछ लोगों ने इस बहाने इजरायल-फिलिस्तीन विवाद को भी चर्चा में ला दिया।
धर्मकोट जैसे गांव यह दर्शाते हैं कि भारत की खूबसूरती और संस्कृति कितनी प्रभावशाली है कि लोग हजारों किलोमीटर दूर से यहां आकर खुद को यहीं का मानने लगते हैं।

