नई दिल्ली, 6 अक्तूबर (अशोक “अश्क”) दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में संपन्न विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कुल 22 पदक (6 स्वर्ण, 9 रजत और 7 कांस्य) जीतकर दसवां स्थान हासिल किया। यह पहली बार था जब भारत ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेजबानी की और घरेलू मैदान पर भारतीय खिलाड़ियों ने इतिहास रच दिया।

भारत के एथलीटों ने न केवल पदक जीते बल्कि तीन चैंपियनशिप रिकॉर्ड, सात एशियाई रिकॉर्ड और 30 से अधिक व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी किए। भारतीय एथलीट 9 बार चौथे स्थान पर रहे, जो इस बात का संकेत है कि पदकों की संख्या और भी अधिक हो सकती थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि पर खिलाड़ियों को बधाई देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “हमारे पैरा-एथलीटों का ऐतिहासिक प्रदर्शन! उनकी सफलता कई लोगों को प्रेरित करेगी। मुझे अपने दल के प्रत्येक सदस्य पर गर्व है।”
प्रमुख प्रदर्शन:
- सिमरन ने महिलाओं की 100 मीटर T12 स्पर्धा में रजत पदक जीता और एक एशियाई रिकॉर्ड (24.46 सेकंड) बनाया। बाद में तकनीकी उल्लंघन के कारण पहले स्थान पर रही वेनेजुएला की एथलीट को अयोग्य ठहराया गया और सिमरन का रजत मेडल बरकरार रहा।
- उन्होंने एक स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर भारतीय दल की स्टार खिलाड़ी का दर्जा पाया।
- प्रीति पाल ने महिलाओं की 100 मीटर T35 स्पर्धा में रजत और कांस्य, दो पदक जीते।
- नवदीप (भाला फेंक T41) और संदीप (200 मीटर T44) ने भी पदक दिलाए।
- ब्राज़ील 15 स्वर्ण सहित 44 पदकों के साथ पहले स्थान पर रहा।
- चीन ने 52 पदकों के साथ दूसरा स्थान और ईरान तीसरे स्थान पर रहा।
इस चैंपियनशिप में कुल 35 विश्व रिकॉर्ड और 104 चैंपियनशिप रिकॉर्ड बने। 63 देशों ने कम से कम एक पदक जीता, जबकि 44 देशों ने स्वर्ण पदक हासिल किया।
भारत के लिए यह आयोजन न केवल गौरव का क्षण रहा बल्कि पैरा स्पोर्ट्स में नई ऊर्जा का संचार भी किया।

