समस्तीपुर (अशोक “अश्क”) प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में संस्थान की पूर्व अंतर्राष्ट्रीय मुख्य प्रशासिका डॉ० दादी प्रकाशमणि जी की 18वीं पुण्यतिथि को ‘विश्व बंधुत्व दिवस’ के रूप में श्रद्धा एवं समर्पण के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशिष्ट जनों ने दादी जी के आध्यात्मिक योगदान और उनके जीवन दर्शन को स्मरण करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधान परिषद सदस्य डॉ० तरुण कुमार ने कहा कि आज के समय में जब समाज जातिवाद, प्रांतवाद और संप्रदायवाद जैसी विभाजनकारी विचारधाराओं से जूझ रहा है, ऐसे में ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा विश्व बंधुत्व दिवस का आयोजन सामाजिक सौहार्द का एक महत्वपूर्ण संदेश है। उन्होंने कहा कि दादी प्रकाशमणि जी का जीवन सच्चे अर्थों में विश्व बंधुत्व की भावना को साकार करने का उदाहरण है। उन्होंने विश्व के पांचों महाद्वीपों में आत्मिक एकता और भाईचारे का संदेश पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई। डॉ० कुमार ने दादी जी के प्रति श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए संस्थान के प्रयासों को नमन किया।

डीएसपी ट्रैफिक आशीष राज ने ब्रह्माकुमारी संस्था के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में शांति और समरसता की भावना को बल मिलता है।

बीके तरुण ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि दादी जी ने अपने नेतृत्व काल (1969-2007) में न केवल संस्थान का दिव्य संचालन किया, बल्कि समस्त मानव जाति को एक परमात्मा पिता की संतान मानकर आपसी भाईचारे और एकता का सन्देश दिया। उन्होंने बताया कि दादी जी की सोच भारत की मूल संस्कृति ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ को दर्शाती है, जिसमें संपूर्ण विश्व को एक परिवार के रूप में देखा जाता है।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे कृष्ण भाई ने दादी जी की एक प्रमुख धारणा “हार्मनी अर्थात हार मान लेना” को जीवन में उतारने की प्रेरणा दी।
सविता बहन ने स्वागत भाषण में दादी जी के दिव्य गुणों जैसे निमित्त भाव, निर्मल वाणी, नि:स्वार्थ सेवा, सहनशीलता, क्षमाशीलता और त्याग पर विस्तार से प्रकाश डाला।
एलआईसी के वरीय प्रबंधक प्रभात कुमार और वार्ड पार्षद प्रदीप कुमार शिबे ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और दादी जी के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
धन्यवाद ज्ञापन ओम प्रकाश भाई द्वारा किया गया। कार्यक्रम में शिव प्रकाश खेमका, कृष्ण कुमार अग्रवाल, डॉ० पंकज, निर्दोष भाई, विनय भाई, वरुण भाई सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।
अंत में सभी उपस्थित भाई-बहनों ने विश्व बंधुत्व की भावना को आत्मसात करने का संकल्प लिया और दादी प्रकाशमणि जी को श्रद्धा के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की।

