
पटना, 02 मार्च (पटना डेस्क) रोहतास जिला के सदर अस्पताल सासाराम से सोमवार को सामने आई एक तस्वीर ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। ओपीडी में अपनी पत्नी के फ्रैक्चर पैर का इलाज कराने पहुंचे एक बेबस पति को व्हीलचेयर तक नसीब नहीं हुई। मजबूरन वह अपनी भारी-भरकम पत्नी को पीठ पर लादकर एक विभाग से दूसरे विभाग तक भटकता रहा।

अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने यह दृश्य देखा तो व्यवस्था पर नाराजगी जताई। धनकाढा गांव निवासी पीड़ित साहेब राम ने बताया कि वे एक दिन पहले भी इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन चिकित्सकों की गैरमौजूदगी के कारण घंटों इंतजार के बाद लौटना पड़ा। सोमवार को दोबारा आने पर नई परेशानी सामने खड़ी हो गई। पत्नी का पैर पिछले रविवार को फ्रैक्चर हो गया था और वह चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ है।

साहेब राम ने ओपीडी में व्हीलचेयर और स्ट्रेचर की मांग की, लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों ने उपलब्धता से इनकार कर दिया।लाचारी ऐसी कि कभी एक्स-रे कक्ष तो कभी डॉक्टर के चैंबर तक पत्नी को पीठ पर उठाकर ले जाना पड़ा। इस दौरान उसके चेहरे पर दर्द और बेबसी साफ झलक रही थी। गौरतलब है कि अस्पताल में यह पहली घटना नहीं है।

इससे पहले भी स्ट्रेचर और व्हीलचेयर जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव की शिकायतें सामने आती रही हैं। चिकित्सकों के देर से आने, दवाओं की कमी और जांच के लिए मरीजों को बाहर भेजे जाने जैसे मुद्दे भी चर्चा में रहे हैं। लगातार उठते सवालों के बीच अब अस्पताल प्रबंधन से ठोस सुधार की मांग तेज हो गई है।

