नई दिल्ली, 18 सितम्बर ( अशोक “अश्क”) सऊदी अरब के रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान ने पाकिस्तान के साथ हुए ऐतिहासिक रक्षा समझौते पर खुशी जाहिर की है। यह समझौता दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को और मजबूत करेगा और एक साझा सुरक्षा मोर्चे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। खालिद बिन सलमान ने इस समझौते पर सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बीच हस्ताक्षरित तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि अब सऊदी अरब और पाकिस्तान एक साझा मोर्चे पर हैं, जो किसी भी हमलावर के खिलाफ हमेशा और हमेशा के लिए खड़ा रहेगा।

हालांकि, खालिद बिन सलमान ने इस समझौते से सऊदी अरब के भारत और अन्य देशों के साथ संबंधों पर कोई टिप्पणी नहीं की। सऊदी अरब के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत के साथ सऊदी अरब के रिश्ते पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हैं और उनका उद्देश्य क्षेत्रीय शांति में योगदान देना है। उन्होंने इस बात का भी खंडन किया कि पाकिस्तान के साथ इस रक्षा समझौते से भारत या अन्य देशों से सऊदी अरब के संबंधों पर कोई नकारात्मक असर पड़ेगा।
यह रक्षा समझौता रियाद में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी में सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ संपन्न हुआ। इस समझौते में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच किसी भी देश के खिलाफ होने वाले हमले को दोनों देशों के खिलाफ आक्रमण माना जाएगा।
समझौते के तहत, दोनों देशों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए उनकी साझी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग के पहलुओं को और विकसित करने पर जोर दिया जाएगा, और किसी भी तरह के बाहरी आक्रमण के खिलाफ एक संयुक्त प्रतिरोध स्थापित किया जाएगा। यह समझौता नाटो देशों की तरह एक सामरिक रक्षा गठबंधन की तरह कार्य करेगा, जिसमें एक देश पर हमला होने पर वह सभी देशों पर हमला माना जाएगा।
पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार ने इस समझौते पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच आठ दशक पुराना रिश्ता है, जो इस्लामी एकजुटता, भाईचारे और रणनीतिक सहयोग पर आधारित है। उन्होंने कहा कि इस नए समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को बढ़ावा देना और क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।
समझौते को “स्ट्रैटेजिक म्यूचुअल डिफेंस एग्रीमेंट” (SMDA) नाम दिया गया है, जो पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच एक मजबूत और दीर्घकालिक रक्षा गठबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस समझौते से दोनों देशों को विभिन्न सैन्य साधनों के तहत एक दूसरे के समर्थन में काम करने का अवसर मिलेगा।
इस समझौते से न केवल सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच रक्षा संबंधों में मजबूती आएगी, बल्कि यह दोनों देशों के बीच सामरिक सहयोग और क्षेत्रीय शांति को बढ़ावा देने में भी सहायक साबित होगा। सऊदी अरब और पाकिस्तान का यह गठबंधन वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा में अहम भूमिका निभा सकता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सऊदी अरब और पाकिस्तान के इस कदम को एक सामरिक साझेदारी के रूप में देखा जा रहा है, जो दोनों देशों के लिए नई रणनीतिक संभावनाओं का द्वार खोलेगा।

