
पटना, डेस्क। बिहार दिवस के अवसर पर गांधी मैदान में लगाए गए समाज कल्याण विभाग के पवेलियन में विकसित बिहार की झलक देखने को मिल रही है। सोमवार को समाज कल्याण विभाग की सचिव बंदना प्रेयषी ने पवेलियन का जायजा लिया और विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभाग की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी ली।सचिव ने कहा कि “उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार” थीम के अनुरूप पवेलियन में आम जनता के लिए विभिन्न विभागों और इकाइयों के स्टॉल लगाए गए हैं, जहां राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं,सेवाओं और उपलब्धियों की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है। पवेलियन के माध्यम से लोगों को समाज कल्याण विभाग की योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पवेलियन में बिहार की पारंपरिक कला और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कई स्टॉल आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इनमें लहठी कला, हस्तकरघा,मिथिला कला, एप्लिक, सुजनी कला, हस्तनिर्मित आभूषण, रेडीमेड परिधान,ब्लॉक प्रिंट, महिला हेल्पलाइन 181, शी-बॉक्स परामर्श केंद्र, पालना घर सहित कई स्टॉल शामिल हैं। विभाग के अंतर्गत संचालित संस्था आशा किरण के 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों द्वारा बनाई गई कलाकृतियां भी प्रदर्शित की गई हैं,जो लोगों को काफी आकर्षित कर रही हैं। पवेलियन में लहठी कला स्टॉल पर 1700 से अधिक लहठी की बिक्री हुई, जो पारंपरिक कला के प्रति लोगों की बढ़ती रुचि को दर्शाता है। वहीं महिला हेल्पलाइन 181 स्टॉल के माध्यम से सैकड़ों लोगों ने योजनाओं और सेवाओं की जानकारी प्राप्त की। दिव्यांगजन सशक्तिकरण स्टॉल में मानसिक दिव्यांग दिवाकालीन विशेष विद्यालय के छात्रों द्वारा बनाई गई व्हीलचेयर और सिपी चेयर प्रदर्शित की गई, जबकि आसरा गृह के माध्यम से हस्तकला से निर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई गई। पवेलियन में समाज कल्याण निदेशालय, आईसीडीएस निदेशालय, राज्य आयुक्त निशक्तता (दिव्यांगजन) कार्यालय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय, बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग, सामाजिक सुरक्षा निदेशालय, सक्षम, राज्य बाल संरक्षण समिति तथा महिला एवं बाल विकास निगम के स्टॉल लगाए गए हैं। महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण से जुड़े प्रयासों को प्रभावी तरीके से प्रदर्शित किया जा रहा है।

