
पटना, 20 दिसम्बर (पटना डेस्क) बिहार में साइबर अपराधियों ने अपना नेटवर्क खतरनाक स्तर तक फैला लिया है। नालंदा, नवादा, शेखपुरा, जमुई, पटना, गोपालगंज और पूर्णिया साइबर ठगी के हॉट स्पॉट बनकर उभरे हैं। पुलिस के मुताबिक, अपराधियों ने कई जिलों के गांवों में ठगी के गुप्त सेंटर खोल रखे हैं, ताकि पुलिस की पहुंच से दूर रह सकें।जनवरी से नवंबर 2025 के बीच साइबर अपराधियों ने करीब 500 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया।

इस दौरान 5624 मामले दर्ज किए गए और 1000 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 106.30 करोड़ रुपये संदिग्ध खातों में होल्ड कराए, जबकि 7.36 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस दिलाए गए।आंकड़ों के अनुसार, 2025 में साइबर फ्रॉड के सबसे ज्यादा मामले सोशल मीडिया के जरिए सामने आए। बिहार से कुल 1.01 लाख ऑनलाइन शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें 24.10 हजार शिकायतें सोशल मीडिया फ्रॉड से जुड़ी रहीं। साइबर ठगी के कुल 1.10 लाख मामले दर्ज होने से स्थिति की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।साइबर अपराधियों ने सीमांचल, कोसी, चंपारण और मिथिला क्षेत्रों में भी अपना ठिकाना बना लिया है। अपराधी डिजिटल अरेस्ट, विदेश में नौकरी, फर्जी एजेंसी और सिम बॉक्स के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे हैं। फर्जी वेबसाइट बनाकर की जा रही ठगी के तार विदेशों से जुड़े पाए गए हैं।हाल ही में मोतिहारी पुलिस ने बड़े साइबर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए जितेंद्र कुमार, अमल प्रकाश और ओम प्रकाश को गिरफ्तार किया। इस गिरोह ने निवेश और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर करीब 7 करोड़ रुपये ठगे। साइबर डीएसपी अभिनव परासर के अनुसार पटना, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी में लगातार छापेमारी जारी है।

