पटना, 11 दिसम्बर (पटना डेस्क) बिहार के सीतामढ़ी में HIV संक्रमण के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य महकमे में सनसनी फैला दी है। सोशल मीडिया पर फैल रहे दावों पर असिस्टेंट सिविल सर्जन-कम-एचआईवी नोडल अधिकारी जे. जावेद ने फर्जी आँकड़ों का खंडन करते हुए कहा कि जिले की स्थिति “भयानक नहीं” है और 1 दिसंबर 2012 से दिसंबर 2025 तक 6,707 मरीजों का इलाज चल रहा है।

इसके बावजूद स्थानीय रिपोर्टों ने चिंता बढ़ा दी है, जिनके अनुसार सीतामढ़ी में करीब 7,400 HIV-पॉजिटिव मरीज दर्ज किए जा चुके हैं। हर महीने 40–60 नए मरीज सामने आने से प्रशासन सतर्क हो गया है। ART सेंटर के अनुसार संक्रमितों में 400 से अधिक बच्चे भी शामिल हैं, जिन्हें यह संक्रमण माता-पिता से मिला।स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने ART सेंटर के जरिए गाँव-गाँव जागरूकता अभियान, HIV टेस्ट कैंप और जोखिम समूहों की विशेष मॉनिटरिंग की तैयारी तेज कर दी है। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि व्यापक जागरूकता के बिना हालात गंभीर हो सकते हैं।एचआईवी नोडल अधिकारी जे. जावेद ने बताया कि जिले में 6,707 मरीज दर्ज हैं, जबकि “मुजफ्फरपुर और मोतिहारी में स्थिति इससे भी ज्यादा खराब” है। उन्होंने कहा कि सीतामढ़ी के 428 बच्चे HIV-संक्रमित हैं। प्रवासी मजदूरों की वापसी पर भी चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि “मुम्बई से आने वाले 100 में से लगभग 40 मजदूर पॉजिटिव पाए जाते हैं।”

