नई दिल्ली, 6 अक्तूबर (अशोक “अश्क”) सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की अदालत में एक व्यक्ति ने जूता फेंकने की कोशिश की। यह अप्रत्याशित घटना कोर्ट रूम में उस समय हुई जब सुनवाई चल रही थी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी व्यक्ति वकील की ड्रेस में था और वह अचानक डेस्क के पास पहुंचा और जूता निकालकर मुख्य न्यायाधीश की ओर फेंकने की कोशिश की। हालांकि, कोर्ट में मौजूद सुरक्षाकर्मी तत्काल हरकत में आए और उस व्यक्ति को अदालत कक्ष से बाहर निकाल दिया।

इस घटना के कारण कुछ समय के लिए सुनवाई को स्थगित करना पड़ा। लेकिन थोड़ी ही देर में कार्यवाही दोबारा शुरू हो गई।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई शांत बने रहे। उन्होंने अदालत में मौजूद अन्य वकीलों से कहा, “इस पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है, ऐसी चीजें मुझे प्रभावित नहीं करतीं।”
सीजेआई की इस सहनशील प्रतिक्रिया को अदालत परिसर में मौजूद लोगों ने सराहा। उन्होंने न सिर्फ शांति बनाए रखी, बल्कि वकीलों को भी तर्क जारी रखने को कहा।
इस घटना के बाद कोर्ट परिसर की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। अब प्रवेश और पहचान को लेकर निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी गई है।
फिलहाल, आरोपी व्यक्ति की पहचान और उसके इस कृत्य के पीछे की मंशा की जांच की जा रही है। न्यायालय के भीतर ऐसी घटना को अत्यंत गंभीर सुरक्षा उल्लंघन माना जा रहा है।
यह घटना भारतीय न्याय प्रणाली की गरिमा को चोट पहुंचाने वाली कही जा रही है, लेकिन मुख्य न्यायाधीश की शांति और संतुलित प्रतिक्रिया ने माहौल को संभाल लिया।

