
पूर्णिया, 06 फरवरी (राजेश कुमार झा) बेटे सूरज बिहारी की अभी तेरहवीं भी अभी नहीं हुई थी कि पिता जवाहर यादव की हार्ट अटैक से मौत हो गई.बेटे सूरज की हत्या का सदमा बर्दाश्त नहीं कर सके. बताते चलें कि बेटे सूरज की हत्या की खबर ने पिता जवाहर यादव को पूरी तरह झकझोर दिया.वो सपने में भी नहीं सोच सके थे कि मेरे बेटे की हत्या हो जाएगी.

जवाहर यादव की मौत की खबर से पूरा परिवार सदमे में आ गया. किसी को भी यकीन नहीं हो रहा है.उनके चाहने वाले यही कह रहे है कि हे ईश्वर ये क्या हो गया.बताते चलें कि बेटे सूरज की हत्या के बाद पिता जवाहर यादव बिल्कुल अकेले महसूस करने लगे थे.न किसी से ज्यादा बातचीत और न ही किसी से मिलना-जुलना होता था.हमेशा बेटे सूरज की याद में खोये रहते थे.परिजनों के मुताबिक आज सुबह उठते ही बेटे सूरज के फोटो के आगे फफक-फफक कर रोने लगे.

उनको रोता देख सब कोई के आँखों से आंसू गिरने लगे. उसके बाद घरवालों ने पकड़ कर उन्हें सोफा पर बैठाया. थोड़ी ही देर के बाद उनकी सीने में दर्द हुआ.घरवालों ने अविलंब लाइन बाजार के किसी प्राइवेट हॉस्पिटल में ले गये.लेकिन उनकी बिगड़ती स्थिति को देखते हुए डाक्टरों ने सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल ले जाने की सलाह दी. परिजनों ने उन्हें अविलंब शहर के सबसे बड़े सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में ले गये.जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

