पटना, 13 अक्तूबर (पटना डेस्क) स्नातक अधिकार मंच ने बिहार में चल रही स्नातक निर्वाचन मतदाता सूची बनाने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सोमवार को मंच के संयोजक दिलीप कुमार की अध्यक्षता में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने आरोप लगाया कि नालंदा समेत पूरे बिहार में फॉर्म-18 उपलब्ध नहीं हैं और न ही किसी प्रखंड कार्यालय में पंजीकरण काउंटर खोले गए हैं, जिससे स्नातक मतदाताओं को भारी परेशानी हो रही है।

दिलीप कुमार ने कहा कि स्नातक चुनाव एक विशिष्ट प्रक्रिया है जिसमें केवल डिग्रीधारक ही वोट डाल सकते हैं। उन्होंने चेताया कि इस समय विधानसभा चुनाव के बीच स्नातक वोटर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू करना अनुचित है और यह जानबूझकर मतदाताओं की संख्या कम करने की साजिश हो सकती है।
मंच ने 2020 में सफल जागरूकता अभियान चलाया था और अब अक्टूबर 2025 से नया अभियान शुरू कर रहा है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे फॉर्म-18 भरकर समय पर जमा करें।
मंच का नारा “मैं भी स्नातक, वोट मेरा अधिकार” दोहराते हुए दिलीप कुमार ने कहा कि यह सिर्फ वोट देने की बात नहीं, बल्कि शिक्षित वर्ग की भागीदारी और सम्मान की लड़ाई है। मंच जल्द ही पूरे बिहार में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाएगा।

