
नालंदा, 23 दिसंबर (अविनाश पांडेय) नालंदा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और दुरुस्त करने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। 23 दिसंबर 2025 को जिलाधिकारी कुंदन की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी योजनाओं और सेवाओं की प्रगति को लेकर जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों की उपस्थिति, उपलब्ध सेवाओं और डॉक्टर रोस्टर की स्थिति की गहन समीक्षा की गई।जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। साथ ही डॉक्टर रोस्टर को डिस्प्ले बोर्ड पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने का आदेश दिया गया, ताकि आम जनता को समय पर सही जानकारी मिल सके। डीएम ने सभी एमओआईसी को अपनी कार्यशैली में बदलाव लाने की सख्त हिदायत दी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे बेहतर कार्यों के लिए डॉक्टर और कर्मी बधाई के पात्र हैं।

डीएम ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देने का निर्देश देते हुए हाई रिस्क प्रेगनेंसी की पूर्व पहचान, एंबुलेंस और स्टाफ के प्रशिक्षण तथा डब्ल्यूएचओ गाइडलाइन के अक्षरशः पालन पर जोर दिया गया। शिशु मृत्यु दर की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक में सिविल सर्जन समेत सभी संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।

