पटना, 18 दिसम्बर (पटना डेस्क) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा मुस्लिम डॉक्टर नुसरत पर हिजाब खींचने का विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। 15 दिसंबर को बिहार में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नियुक्ति पत्र बांट रहे थे। इस दौरान नुसरत हिजाब पहनकर उपस्थित थीं।

नीतीश ने हिजाब की ओर इशारा कर कहा, “हटाइए इसे,” और खुद अपने हाथ से हिजाब हटा दिया। इस घटना के दौरान डिप्टी CM सम्राट चौधरी ने उन्हें रोकने का प्रयास किया।विवाद बढ़ता देख बेंगलुरु में एक वकील ने मुख्यमंत्री के खिलाफ जीरो FIR दर्ज कराई। वहीं, शायर मुनव्वर राणा की बेटी और सपा प्रवक्ता सुमैया राणा ने लखनऊ के कैसरबाग थाने में शिकायत दर्ज कराई और नीतीश से माफी की मांग की। सुमैया ने नीतीश की इस हरकत को “मानसिक दिवालियापन और शर्मनाक” बताया। उन्होंने यूपी सरकार के मंत्री संजय निषाद के बयान पर भी आपत्ति जताई।NDA नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नीतीश का बचाव करते हुए कहा कि यह उचित कार्रवाई थी। पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने भी इसे दुर्घटनावश हुई घटना बताया और इसे धर्म के दृष्टिकोण से न देखने की सलाह दी।इस बीच नुसरत परवीन ने परिवार के मनाने के बाद नौकरी जॉइन करने का फैसला किया और देर रात कोलकाता से पटना लौट आईं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें गुरुवार को जॉइनिंग की संभावना है। विवाद के बीच राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया जारी है, जिससे मामला और गर्माया हुआ है।

