पूर्णिया 12 दिसंबर (राजेश कुमार झा) अगर आप जमीन खरीदने की सोच रहे है तो दिसंबर का महीना आपके लिए काफी अच्छा रहेगा. क्योंकि 01 जनवरी से जमीन रजिस्ट्री का खर्च तीन से चार गुना बढ़ जाएगा.मतलब अगर अभी आपको जमीन रजिस्ट्री में आपको 1 रुपए में हो रहा है तो,यही जमीन की रजिस्ट्री का खर्च जनवरी महीने से 3 से 4 रुपया हो जाएगा.क्योंकि नया मार्केट वैल्यू रेट(MVR) तैयार हो चुका है और MVR यानि मार्केट वैल्यू रेट में बदलाव की प्रक्रिया काफी जोर शोर से चल रही है.

इसकी सारी औपचारिकता का अंतिम रूप दिया जा रहा है.बताते चलें कि जिला मूल्यांकन समिति के द्वारा जिले के नगर निगम,नगर परिषद एवं नगर पंचायत सहित ग्रामीण क्षेत्रों में इलाका वार रिपोर्ट तैयार किया जा चुका है.आधिकारिक सूत्रों की मानें तो MVR में बदलाव के बाद जमीन रजिस्ट्री का खर्च तीन से चार गुना हो जाएगा. जिला मूल्यांकन समिति द्वारा आवश्यक रिपोर्ट तैयार करने की कार्रवाई की जा रही है.सबसे ज्यादा जोर नगर निगम की नव अधिग्रहीत क्षेत्रों पर रजिस्ट्री विभाग की है. ताकि सरकार को नए MVR से राजस्व की प्राप्ति हो सके. जिला सब रजिस्ट्रार उमा शंकर मिश्र ने बताया कि मार्केट वैल्यू रेट(MVR) के पुनरीक्षण होने से मौजों की संख्या बढ़ सकती है.नगर निगम,नगर परिषद एवं नगर पंचायत में आसपास के इलाकों को शामिल किया जाएगा.मार्केट वैल्यू रेट(MVR) के पुनरीक्षण से रजिस्ट्री में पारदर्शिता आएगी और निबंधन विभाग से आने वाली राजस्व में भी वृद्धि होगी.*2013 से नहीं बढ़ाया गया है सर्किल रेट*गौरतलब है कि सरकार ने जमीन की रजिस्ट्री का रेट 2013 से नहीं बढ़ाया है. जिससे अभी तक पुराने दामों में ही जमीन की रजिस्ट्री हो रही है.जमीन रजिस्ट्री का रेट बढ़ने से सबसे अधिक असर नगर निगम क्षेत्र पर ही पड़ेगा. क्योंकि सबसे अधिक खरीद बिक्री नगर निगम क्षेत्र में ही होता है.ताकि सरकार को अधिक से अधिक राजस्व की प्राप्ति हो सके.*पहली बार जमीन का वर्गीकरण दो तरह से हो रहा है*बताते चलें कि सरकार ने पहली बार जमीन का वर्गीकरण दो तरह से किया है.पहला शहरी क्षेत्र एवं दूसरा ग्रामीण क्षेत्र.शहरी क्षेत्रों में प्रधान सड़क व्यवसायिक सह आवासीय भूमि,मुख्य सड़क व्यवसायिक सह आवासीय भूमि,औद्योगिक भूमि,शाखा सड़क व्यवसायिक सह आवासीय भूमि,अन्य सड़क गली,आवासीय भूमि तथा कृषि/गैर आवासीय भूमि को शामिल किया गया है.ग्रामीण क्षेत्रों की जमीन के वर्गीकरण में व्यवसायिक, औद्योगिक भूमि,आवासीय भूमि,उच्च मार्ग तथा मुख्य सड़कों की दोनों तरफ की भूमि,सिंचित एवं असिंचित भूमि तथा बलुआही,दियारा एवं चंवर भूमि होगी.*नये प्लानिंग एरिया के लिए कुल 78 मौजों को चयनित किया गया*सरकार ने नये प्लानिंग एरिया के तहत कुल 78 मौजों को शामिल किया है.जिसमें बाजार दर के अनुसार नया मार्केट वैल्यू रेट(MVR) तैयार किया जाएगा.

