नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (अशोक “अश्क”) करीब 25 वर्षों की मौजूदगी के बाद भारत ने ताजिकिस्तान में स्थित अपने अयनी एयरबेस को पूरी तरह खाली कर दिया है। मध्य एशिया में भारत की सैन्य उपस्थिति का प्रतीक माने जाने वाला यह एयरबेस अब भारत की रक्षा और विदेश नीति में एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत दे रहा है।

ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित है। इसका निर्माण सोवियत काल में हुआ था, लेकिन 1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद यह ताजिकिस्तान सरकार के नियंत्रण में आ गया। वर्ष 2002 में भारत और ताजिकिस्तान के बीच हुए एक रणनीतिक समझौते के तहत भारत ने इस एयरबेस के पुनर्निर्माण और आधुनिकीकरण का कार्य अपने हाथों में लिया।
भारतीय वायुसेना ने यहां MiG-29 फाइटर जेट्स, हेलीकॉप्टर, हैंगर और रनवे सिस्टम को अपग्रेड किया था। यह बेस अफगानिस्तान की उत्तरी सीमा से मात्र 100 किलोमीटर की दूरी पर था, जिससे भारत को सामरिक दृष्टि से अहम बढ़त मिली थी। भारत इस ठिकाने से न केवल अफगानिस्तान और पाकिस्तान की गतिविधियों पर नजर रख सकता था, बल्कि यह स्थान चीन के शिंजियांग प्रांत की निगरानी के लिए भी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण था।
हालांकि, हाल के वर्षों में ताजिकिस्तान ने अपने यहां विदेशी सैनिकों की मौजूदगी पर प्रतिबंध कड़ा किया है। राष्ट्रपति इमामोली रहमान स्पष्ट कर चुके हैं कि वे अपने देश की धरती पर किसी विदेशी सेना की दीर्घकालिक उपस्थिति नहीं चाहते। इस कारण भी भारत ने एयरबेस खाली करने का निर्णय लिया।
इसके साथ ही भारत की प्राथमिकताएं अब मध्य एशिया से हटकर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की ओर स्थानांतरित हो रही हैं। अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ क्वाड गठबंधन के तहत भारत अब समुद्री सुरक्षा और तकनीकी सहयोग पर अधिक ध्यान दे रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अयनी एयरबेस से पीछे हटना भारत की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है, जो प्रत्यक्ष सैन्य उपस्थिति से अधिक कूटनीतिक और समुद्री प्रभाव पर केंद्रित है। भारत ताजिकिस्तान के साथ अब भी रक्षा और खुफिया सहयोग बनाए हुए है, साथ ही चाबहार बंदरगाह और उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे जैसे प्रोजेक्ट्स के माध्यम से मध्य एशिया तक अपनी पहुंच मजबूत कर रहा है।
हालांकि यह कदम भारत की जमीनी मौजूदगी को प्रतीकात्मक रूप से कमजोर दिखा सकता है, लेकिन रणनीतिक रूप से यह एक संतुलित और आधुनिक रक्षा दृष्टिकोण की दिशा में कदम माना जा रहा है।

